Bike Knowledge: समय के साथ बाइक्स की तकनीक में बड़ा बदलाव आया है। अब नई बाइक्स में एडवांस फीचर्स दिए जा रहे हैं, जिससे परफॉर्मेंस और माइलेज बेहतर हो रही है। कंपनियां हर साल नए मॉडल्स में कुछ अपग्रेड करती हैं और पुराने फीचर्स को हटा देती हैं। पहले बाइक्स में कार्बोरेटर का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम (FI) आ गया है। इसी तरह, पहले बाइक्स में एनालॉग स्पीडोमीटर मिलता था, लेकिन अब डिजिटल मीटर दिया जा रहा है। आजकल बाइक्स में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और जीपीएस जैसे फीचर्स भी मिलने लगे हैं।
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लेकिन इन अपग्रेड्स के बीच एक ऐसा फीचर है जिसे कंपनियों ने लगभग खत्म कर दिया है। पहले ये सिर्फ महंगी बाइक्स में हटाया गया था, लेकिन अब सस्ती बाइक्स में भी नहीं दिया जा रहा। आखिर ये कौन-सा फीचर है और इसे हटाने की वजह क्या है? आइए जानते हैं।
बाइक्स से गायब हो रही ये जरूरी चीज
अब नहीं मिलता किक
- फोटो : HMSI
यहां हम किक स्टार्ट (Kick Start) की बात कर रहे हैं। बाइक स्टार्ट करने के लिए किक बेहद जरूरी हुआ करता था, लेकिन अब ज्यादातर कंपनियां इसे हटा रही हैं।
टीवीएस रेडर, बजाज पल्सर 150, यामाहा R15, रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 समेत कई बाइक्स में अब केवल सेल्फ स्टार्ट का ऑप्शन दिया जा रहा है। कुछ लोग मानते हैं कि किक हटाने के पीछे कॉस्ट कटिंग वजह हो सकती है, लेकिन असल कारण कुछ और ही है।
क्यों हटाया जा रहा है किक स्टार्ट?
बाइक की तकनीक में आया बदलाव
- फोटो : Royal Enfield
आजकल की मॉडर्न बाइक्स में कई नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम दिए जा रहे हैं, खासकर फ्यूल इंजेक्शन (FI) सिस्टम।
पहले बाइक के इंजन में पेट्रोल, साधारण नॉजल से इंजेक्ट होता था और इसे स्टार्ट करने के लिए बिजली की जरूरत नहीं होती थी। लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम आ गया है, जो इंजन को स्टार्ट करने के लिए बैटरी की पावर पर निर्भर करता है।
जब इग्निशन ऑन किया जाता है, तब ही फ्यूल इंजेक्टर और इंजन दोनों एक साथ एक्टिवेट होते हैं। ऐसे में किक स्टार्ट की जरूरत ही खत्म हो गई। यही कारण है कि कंपनियां अब इसे हटा रही हैं।
अब सवाल ये है कि अगर बैटरी खत्म हो गई तो बाइक कैसे स्टार्ट होगी? तो आपको बता दें कि आजकल कंपनियां बिना किक स्टार्ट वाली बाइक्स में पावरफुल बैटरी देती हैं जिसकी चार्ज आसानी से खत्म नहीं होती। अगर बैटरी डाउन हो जाए और उसमें थोड़ी-सी भी चार्जिंग बची हो, तो इंजेक्टर चालू हो जाता है और बाइक स्टार्ट हो जाती है।
यदि फिर भी बैटरी पूरी तरह से डिस्चार्ज हो जाए, तो आखिर में पुश स्टार्ट (धक्का देकर स्टार्ट करने) का तरीका अपनाया जा सकता है, जिससे बाइक स्टार्ट हो जाती है।