"पेट्रोल का चेहरा ही नहीं देखना है..."
मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल की लॉन्चिंग इवेंट के दौरान नितिन गडकरी ने पेट्रोल और डीजल के बढ़ते इस्तेमाल पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए कहा, "पूरा 100% पेट्रोल बंद हो जाएगा, यह पेट्रोल का चेहरा ही नहीं देखना है हमको। हम तो इसको कब बंद करेंगे इसके पीछे लगे हैं क्योंकि प्रदूषण है और आर्थिक समस्या भी है।" उनका यह बयान साफ करता है कि सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द पेट्रोल-डीजल की जगह स्वदेशी और स्वच्छ ईंधन को मुख्यधारा में लाना है।
भारत में 100% इथेनॉल को लेकर कौन-कौन सी कंपनियां हैं रेस में?
फ्लेक्स-फ्यूल और 100% इथेनॉल (E100) के लक्ष्य को साधने के लिए देश की कुछ ऑटोमोबाइल कंपनियां पूरी तरह तैयार हैं, वहीं कुछ तैयारी में हैं। कुछ कंपनियों ने अपने मॉडल लॉन्च कर दिए हैं, तो कुछ जल्द ही इन्हें बाजार में उतारने वाली हैं:
मारुति सुजुकी: कंपनी ने आधिकारिक तौर पर भारत की पहली E100 अनुकूल कार वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल पेश कर दी है। ये 100% शुद्ध इथेनॉल तक किसी भी ब्लेंड पर चलने में सक्षम है। भविष्य के लिए कंपनी ने फ्रोंक्स का फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप भी तैयार कर रखा है।
हीरो मोटोकॉर्प: टू-व्हीलर सेगमेंट में हीरो ने बाजी मारते हुए अपनी मशहूर बाइक्स स्पलेंडर प्लस और एचएफ डीलक्स के फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन लॉन्च कर दिए हैं, जो 100% इथेनॉल पर चलने के लिए तैयार हैं।
टाटा मोटर्स: कंपनी ने अपनी लोकप्रिय माइक्रो-एसयूवी पंच का फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप शोकेस किया है। 2026 के अंत या 2027 तक इसके पैसेंजर वाहन बाजार में आने की उम्मीद है।
ह्यूंदै: कंपनी ने अपनी सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी क्रेटा का फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन पेश किया है। इसके इंजन को खास तौर पर E100 पर सुचारू रूप से चलने के लिए बदलाव किए जा रहे हैं।
टोयोटा: कंपनी फ्लेक्स-फ्यूल और हाइब्रिड दोनों तकनीकों को मिला रही है। कंपनी कोरोला हाइब्रिड और इनोवा हाइक्रॉस के फ्लेक्स-फ्यूल हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रही है।
प्रदूषण और 23 लाख करोड़ का इंपोर्ट बिल होगा खत्म
नितिन गडकरी ने इस बात पर चिंता जताई कि हमारे देश के 40% वायु प्रदूषण के लिए ट्रांसपोर्ट सेक्टर जिम्मेदार है। आर्थिक मोर्चे पर भी भारत हर साल 22 से 23 लाख करोड़ रुपये फॉसिल फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) के आयात पर खर्च करता है। फ्लेक्स-फ्यूल के इस्तेमाल से प्रदूषण में भारी कमी आएगी और इस विशाल आयात बिल को कम करके भारत ऊर्जा निर्यातक बन सकेगा।
दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बना भारत
गडकरी ने ऑटो सेक्टर की तेज तरक्की की तारीफ करते हुए बताया कि जब उनकी सरकार आई थी, तब इस इंडस्ट्री का साइज 15 लाख करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 23 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
- भारत ने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है।
- यह सेक्टर 4 करोड़ युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार दे रहा है।