बढ़िया बॉस अब विलुप्त हो रही प्रजातियों की सूची में शामिल होते जा रहे हैं। और एलन मस्क के इसमें शामिल होने की संभावना नहीं है। कारोबार के दांव-पेंच में माहिर, इस अरबपति के दुनिया भर में लाखों प्रशंसक हो सकते हैं। लेकिन टेस्ला के कई पूर्व कर्मचारियों के पास उनके लिए कहने के लिए बहुत कुछ अच्छा नहीं है। खासकर एक ने तो मस्क को 'कबूतर सीईओ' तक कह डाला है, जो "आता है, हम पर गंदगी करता है और चला जाता है।"
मस्क लगभग दो दशकों से टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों को आगे बढ़ाने वाले शख्स रहे हैं। उन्हें दुनिया अक्सर नामुमकिन समझे जाने वाले बड़े पैमाने पर महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने के लिए जानती है। और फिर भी, टेस्ला और स्पेसएक्स अभूतपूर्व सफलता हासिल करने में कामयाब रहे हैं। लेकिन ये सफलता किस कीमत पर मिली? इलेक्ट्रेक के अनुसार, टेस्ला के एक पूर्व प्रबंधक ने मस्क का जिक्र करते हुए, उनके 'कबूतर' रूपक का इस्तेमाल करते हुए उनके काम करने की बेबाक शैली की ओर इशारा किया। एक अन्य पूर्व कर्मचारी ने बताया कि मस्क ने टेक्सास गीगाफैक्ट्री के एक नव-निर्मित सेक्शन की जांच की। और बिना कोई कारण बताए इसे पूरी तरह से फिर से बनाने के लिए कहा।
मस्क पर अतीत में टेस्ला की आलोचना करने वाले कर्मचारियों को निकालने की इजाजत देने का भी आरोप लगाया गया है। कोविड के समय के दौरान, उन्होंने लॉकडाउन आदेशों के अनुसार कैलिफोर्निया में टेस्ला प्लांट को बंद करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने यहां तक कि गिरफ्तारी को भी दावत दे दी थी। आखिरकार, कई कर्मचारियों को अस्थायी रूप से प्लांट में ही रहने के लिए कहा गया था। दक्षिण अफ्रीका में जन्मे इस अमेरिकी व्यापारी को टेस्ला प्लांट में नस्लीय भेदभाव के आरोपों पर चुप रहने के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा है।
क्या है उनके काम करने का स्टाइल
मस्क के पास बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं। टेस्ला और स्पेसएक्स दोनों के सीईओ के रूप में, कई लोगों को लगता है कि उन्होंने अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा जिम्मेदारी ले ली है। लेकिन ट्विटर का कंट्रोल लेने और उसका नाम बदलकर एक्स करने के बाद से, ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह टेस्ला पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। वह xAI, न्यूरालिंक और बोरिंग कंपनी सहित तीन अन्य कंपनियों को भी कंट्रोल करते हैं।
टेस्ला के शेयरधारकों ने पहले भी इस बात पर चिंता जताई है कि मस्क कई कंपनियों के टॉप पर हैं। जो संभावित रूप से उनका ध्यान इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी से हटा सकता है। इलेक्ट्रेक ने कई पूर्व कर्मचारियों से भी बात की, जो दावा करते हैं कि मस्क के पास वास्तव में टेस्ला के लिए पहले से बहुत कम समय है।
दिलचस्प बात यह है कि मस्क का इस महीने भारत आने का कार्यक्रम था। लेकिन बाद में उन्होंने इसे रद्द कर दिया। उन्होंने एलान किया, "दुर्भाग्य से, टेस्ला से जुड़ी बहुत भारी जिम्मेदारियों के कारण भारत यात्रा में देरी हो रही है। लेकिन मैं इस साल के आखिर में आने के लिए बहुत उत्सुक हूं।"
टेस्ला अब अपनी अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। दुनिया भर में ईवी की बिक्री कम हो रही है। और यह ट्रेंड वैश्विक बाजार में एक लीडर के तौर पर, मस्क की कंपनी को सबसे ज्यादा प्रभावित कर सकता है। चीनी ब्रांडों के साथ प्रतिद्वंदिता कहीं ज्यादा तेज हो गई है। और 2030 तक 20 मिलियन इलेक्ट्रिक वाहन बेचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करना पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो सकता है। क्या मस्क को वन मैन आर्मी (एक-व्यक्ति सेना) बनने से बचना चाहिए और आने वाली लड़ाई के लिए कमांडरों को नियुक्त करना चाहिए? यह तो वक्त ही बताएगा।