फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diesel Cars: डीजल गाड़ियों को चलाने से पहले क्यों डाला जाता है ये लिक्विड? जानिए क्या है इसका काम

Fri, 18 Jul 2025 01:28 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

AdBlue Urea In Diesel Cars: आजकल कई डीजल कारों में 'AdBlue' नाम का लिक्विड इस्तेमाल होता है, लेकिन बहुत से लोग नहीं जानते कि इसका असली काम क्या है। इस तरल पदार्थ का गाड़ियों में इस्तेमाल क्यों होता है? आइए जानते हैं।
विज्ञापन
डीजल कार में क्यों डलता है ये लिक्विड - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आपने डीजल कारों में डलने वाले AdBlue या डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) का नाम तो जरूर सुना होगा। यह लिक्विड केवल डीजल गाड़ियों में इस्तेमाल होता है। लेकिन क्या आपने कबी सोचा है कि इसे डीजल गाड़ियों में ही क्यों डाला जाता है और इसका क्या काम होता है? 
विज्ञापन


AdBlue असल में यूरिया से बना एक खास घोल होता है, जिसे गाड़ियों के एग्जॉस्ट सिस्टम में मिलाया जाता है। इसका मकसद डीजल वाहन से होने वाले प्रदूषण को कम करना होता है।

NOx को कम करता है AdBlue
डीजल इंजन जब चलते हैं तो उनसे निकलने वाले धुएं में नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) जैसी खतरनाक गैसें होती हैं। ये गैसें न सिर्फ पर्यावरण के लिए नुकसानदायक होती हैं, बल्कि इंसानों की सेहत पर भी बुरा असर डालती हैं। इन्हीं गैसों को बेअसर करने के लिए यूरिया का उपयोग किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीजल कार - फोटो : AI
ऐसे करता है काम
भारत सरकार द्वारा BS6 उत्सर्जन मानक लागू किए जाने के बाद कार निर्माताओं के लिए प्रदूषण नियंत्रण और भी जरूरी हो गया। अब ज्यादातर डीजल गाड़ियों में SCR (सेलेक्टिव कैटेलिटिक रिडक्शन) तकनीक इस्तेमाल हो रहा है। इस सिस्टम में AdBlue को एक अलग टैंक में स्टोर किया जाता है और जैसे ही एग्जॉस्ट से धुआं गुजरता है, यह घोल छिड़का जाता है।

AdBlue गर्म होकर अमोनिया में तब्दील हो जाता है, जो फिर नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) को रासायनिक प्रक्रिया से नाइट्रोजन और पानी में बदल देता है। यह प्रक्रिया गाड़ी से निकलने वाले धुएं को काफी हद तक साफ बना देती है और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचता है।

जहां तक खर्च की बात है, तो AdBlue बहुत महंगा नहीं होता। सर्विस स्टेशन या कुछ पेट्रोल पंपों पर यह आसानी से मिल जाता है। इसकी खपत भी ज्यादा नहीं होती। औसतन एक हजार किलोमीटर में कुछ ही लीटर एडब्लू खर्च होता है। अगर आप डीजल कार चला रहे हैं या खरीदने का सोच रहे हैं, तो AdBlue को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसे समय-समय पर भरवाना गाड़ी की परफॉर्मेंस और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें