Audi Q3 Sportback Bold Edition SUV Car
- फोटो : Audi
पिछले कुछ समय से देश भर में कार निर्माताओं का कारोबार काफी अच्छा रहा है। लगभग हर ब्रांड ने रिकॉर्ड मासिक और तिमाही बिक्री की रिपोर्ट की है। कोविड-19 के कारण दबी हुई मांग और सेमी-कंडक्टर चिप की कमी जैसे कारकों ने संभावनाओं को बढ़ा दिया था। लेकिन अब इन दोनों वजहों का असर कम हो गया है। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि मांग मजबूत रह सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं होगी, जबकि इन्वेंट्री स्टॉक बढ़ रहा है।
पिछले 12 महीनों में कई नए और अपडेटेड मॉडल लॉन्च हुए हैं। जिससे भारतीय कार बाजार खास तौर पर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। मास-मार्केट और लग्जरी सेगमेंट दोनों में खिलाड़ियों ने ज्यादातर अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन मौजूदा समय में ऐसे कई कारक हैं जो मांग के लिए अच्छे संकेत नहीं दे रहे हैं। उत्तरी भारत में चल रही तेज गर्मी और शादी सीजन का खत्म होना, मांग को कम करने वाले कुछ कारक हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कार निर्माताओं को 44,000 करोड़ रुपये मूल्य के चार लाख वाहनों का रिकॉर्ड स्टॉक होने की उम्मीद है। डीलरों को वाहनों की आपूर्ति पहले से ही मांग से ज्यादा होने लगी है। हालांकि अभी तक ऐसी स्थिति नहीं है जहां निर्माताओं को घबराना पड़े। लेकिन कैलेंडर वर्ष के बाकी महीनों में बिक्री कम हो सकती है। अकेले मई के लिए, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने बिक्री में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। ह्यूंदै और टाटा मोटर्स जैसी अन्य कंपनियां की बिक्री तो ठीक-ठाक रही, लेकिन ज्यादा बढ़त नहीं हुई।
अभी कार खरीदें या इंतजार करें?
जब तक कोई बहुत जरूरी आवश्यकता न हो, कार खरीदने के फैसलों को कुछ महीनों के लिए टाल देना चाहिए। क्योंकि निर्माताओं और डीलरों के बढ़ते इन्वेंट्री स्टॉक को खत्म करने के लिए आकर्षक ऑफर देने की संभावना है। हाल ही में, मारुति सुजुकी ने अपने उन मॉडलों पर कीमत में कटौती की घोषणा की है जिनमें AGS (ऑटोमैटिक गियर शिफ्ट) तकनीक है।
हालांकि चुनावों को लेकर अनिश्चितताओं ने कुछ समय के लिए खरीद भावना को प्रभावित किया होगा। लेकिन जून में खरीद में थोड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। लेकिन असली बिक्री और बाजार भाव का पता अगस्त के आखिर से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन के साथ ही चल पाएगा। यह समय, पिछले कुछ वर्षों के उलट, एक बार फिर ग्राहकों को असली राजा बना सकती है।