कार के अंदर कई ऐसे फीचर्स होते हैं, जिनका मकसद सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि सुरक्षा भी होता है। इन्हीं में से एक फीचर है कार के पीछे के कांच पर बनी पतली लकीरें, जिन्हें ‘रीयर डिफॉगर लाइन’ कहा जाता है। अक्सर लोग इन्हें सामान्य डिजाइन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये लकीरें खास तकनीक से बनाई जाती हैं और बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डिफॉगर का है ये काम
दरअसल, ठंड या बरसात के मौसम में कार के पिछले शीशे पर कोहरा या पानी की बूंदें जम जाती हैं, जिससे पीछे का दृश्य धुंधला हो जाता है और ड्राइवर को ठीक से कुछ नजर नहीं आता। ऐसे में ये डिफॉगर लाइनें गर्मी उत्पन्न कर शीशे की सतह पर जमा हुई नमी को साफ कर देती हैं, जिससे पीछे का दृश्य साफ दिखाई देने लगता है।
डिफॉगर
- फोटो : रेनो
स्विच से होती है डिफॉगर लाइन एक्टिव
यह फीचर हर समय सक्रिय नहीं रहता। इसके लिए कार में एक अलग से स्विच दिया जाता है, जिसे ड्राइवर आवश्यकता अनुसार ऑन करता है। स्विच ऑन करने के बाद इन लाइनों में से हल्की बिजली प्रवाहित होती है, जिससे शीशे पर जमी नमी या कोहरा हट जाता है।
ये फीचर खासकर सर्दी और बरसात के मौसम में काफी मददगार होता है और दुर्घटना की संभावना को कम करता है। यह कार की सेफ्टी और विज़िबिलिटी के लिहाज से बहुत जरूरी तकनीक है, जिसे सभी ड्राइवर्स को जानना और इस्तेमाल करना चाहिए।