आजकल की कारों में कई फीचर्स को दिया जाता है। ऐसा ही एक फीचर कारों में मिलता है ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल। इस फीचर की खूबियां और कमियां क्या हैं। आइए जानते हैं।
भारत में लगातार कारों को और बेहतर किया जा रहा है। बेहतर होने के साथ ही कारों में पहले से काफी ज्यादा फीचर्स भी ऑफर किए जाते हैं। हम इस खबर में आपको ऐसे ही एक फीचर की जानकारी दे रहे हैं। साथ ही यह भी बता रहे हैं कि इस फीचर से क्या फायदे मिलते हैं और इसकी कमियां क्या-क्या हैं।
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क्या है फीचर
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
आजकल की कारों में कई बेहतरीन फीचर्स को ऑफर किया जाता है। जिससे कार चलाने से लेकर सेफ्टी में भी आराम मिलता है। ऐसा ही एक फीचर कारों में ऑफर किया जाता है, जिसे ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल कहा जाता है। कई कारों में तो इस फीचर को स्टैंडर्ड तौर पर दिया जाता है। लेकिन कई लोगों को इस फीचर की सही जानकारी नहीं होती।
इस फीचर का उपयोग करना काफी आसान होता है। आप किसी भी तापमान पर एसी को सेट कर सकते हैं और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल का बटन दबा सकते हैं। जिसके बाद कार का एसी खुद से ही फैन की स्पीड और केबिन के तापमान को उसी के मुताबिक सेट कर लेगा।
क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर का उपयोग करने के फायदे भी होते हैं। एसी चलाने पर कार का एवरेज थोड़ा कम होता है। लेकिन अगर आप इस फीचर का उपयोग करते हैं तो एसी को एक ही तापमान पर चलाने के कारण एवरेज बेहतर हो जाती है। इसके साथ ही बाहर से आने वाली धूप के कारण मैनुअल एसी की तरह आपको केबिन में ठंडक करने के लिए बार-बार फैन स्पीड या कूलिंग को कम ज्यादा नहीं करना पड़ता और आपका ध्यान ड्राइविंग पर रहता है। जिससे ध्यान बंटने के कारण होने वाले हादसों में कमी होती है।
ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर के फायदे होते हैं तो इसके कुछ नुकसान भी हैं। इस फीचर के कारण आपका समय और पैसा ज्यादा खर्च हो सकता है। दरअसल, यह फीचर ऑटोमैटिक होता है लेकिन अगर यह एक बार खराब हो जाए तो मैनुअल एसी की तुलना में इसे ठीक करवाना महंगा होता है। मैनुअल एसी में खराबी आने पर ज्यादा से ज्यादा कंप्रैसर को बदला जा सकता है। लेकिन इस तरह के एसी में अगर खराबी हो जाए तो फिर इसे ठीक करवाने के लिए अच्छे मेकैनिक के साथ ही ऑन बोर्ड कम्यूटर को भी सेट करना पड़ता है। इसके अलावा कई लोगों को मैनुअल एसी की आदत होती है और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल के लिए कई बटन होते हैं, ऐसे में इसे सही से ऑपरेट करने में शुरूआत में थोड़ी परेशानी भी होती है।