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Scrap Policy: क्या स्क्रैप पॉलिसी से खत्म हो जाएंगी पुरानी कारें? जानें इसका विंटेज वाहनों पर क्या असर पड़ेगा

Sun, 03 May 2026 08:06 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vehicle Scrappge Policy India: नई स्क्रैप पॉलिसी के बाद ऑटो कंपनियों पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं पुरानी कारों के शौकीनों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या भविष्य में विंटेज कार कल्चर खत्म हो जाएगा। हालांकि सरकार ने 50 साल पुरानी गाड़ियों को राहत दी है, लेकिन जानिए क्या 20-45 साल पुरानी गाड़ियों पर इन नियमों का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है...
 
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Vehicle Scrapping - फोटो : Freepik
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विस्तार
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5 Year Fitness Test: भारत की नई व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी ने ऑटोमोबाइल कंपनियों पर 25,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल दिया है, क्योंकि उन्हें आने वाले समय के स्क्रैप खर्च के लिए अभी से फंड रिजर्व करना होगा। इस नीति ने आम खरीदारों और विंटेज कार प्रेमियों के बीच डर पैदा कर दिया है। हालांकि 50 साल से अधिक पुरानी गाड़ियों को विंटेज श्रेणी में सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन असली खतरा उन गाड़ियों पर है जो 20 से 45 साल की उम्र के बीच हैं और अभी तक विंटेज की श्रेणी में नहीं आई हैं।
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विंटेज कारों को राहत
भारत में 50 साल से अधिक पुरानी गाड़ियों को विंटेज कैटेगरी में रखा गया है। ऐसे में अगर मालिक अपनी गाड़ी को बेहतर स्थिति में रखता है, तो उसे स्क्रैप करने की जरूरत नहीं होगी, हालांकि इनका उपयोग केवल रैलियों और शो जैसे खास मौकों तक ही सीमित रह सकता है।

20-45 साल पुरानी गाड़ियों पर संकट
ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती उन गाड़ियों के लिए है जो 20 से 45 साल पुरानी हैं। ये न तो नई श्रेणी में आती हैं और न ही विंटेज बनी हैं, जिससे इन पर सबसे ज्यादा जोखिम नजर आ रहा है।
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क्या 15 साल बाद गाड़ी जब्त हो जाएगी?
यह लोगों की सबसे बड़ी गलतफहमी मानी जा रही है, या ऐसे कहें कि बहुत से लोगों को उसके बारे में पता नहीं है। असल में 15 साल बाद इन कारों का फिटनेस टेस्ट होगा, अगर गाड़ी फिट होने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन मिल सकता है, तो उन्हें स्क्रैप नहीं किया जाएगा। यानी हर पुरानी गाड़ी को सीधे स्क्रैप नहीं किया जाएगा। क्योंकि सरकार 15-20 साल पुराने वाहनों के लिए फिटनेस टेस्ट का प्रावधान रखती है। अगर गाड़ी मानकों पर खरी उतरती है, तो उसे दोबारा रजिस्टर कराया जा सकता है।

वैकल्पिक रास्ते भी मौजूद
इसके अलावा लोगों के लिए कई वैकल्पिक रास्ते भी हैं। जैसे वह पुरानी गाड़ियों को बचाने के लिए इलेक्ट्रिक रेट्रोफिटिंग (इलेक्ट्रिक में बदलना) और स्टैटिक हेरिटेज (बिना सड़क पर चलाए प्रदर्शनी के लिए रखना) में बदल सकते हैं।

दुनिया भर में कैसे लागू होते हैं ऐसे नियम?
दुनिया के कई देशों में पुरानी गाड़ियों को लेकर अलग-अलग स्क्रैप और रीसाइक्लिंग नियम लागू हैं।
  • अमेरिका में Cash for Clunkers कार्यक्रम के तहत पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को हटाने के बदले इंसेंटिव दिया जाता है।
  • यूरोप में ELV Directive लागू है, जिसका उद्देश्य End-of-Life Vehicles को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से रीसायकल करना है।
  • जापान में Recycling Law के तहत वाहन निर्माताओं और मालिकों को रीसाइक्लिंग प्रक्रिया का पालन करना होता है, जबकि चीन में ELV Rules के जरिए पुरानी और अनफिट गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की व्यवस्था की गई है।
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