कोलकाता में वर्ष 2025 के दौरान वाहन पंजीकरण ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया। साल भर में 1,09,807 नए वाहन पंजीकृत हुए, जिससे शहर में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या बढ़कर 23,66,267 हो गई। ये आंकड़े महानगर में निजी वाहनों की ओर बढ़ते रुझान को साफ तौर पर दर्शाते हैं।
क्या 2024 का रिकॉर्ड टूट गया?
2025 में दर्ज किया गया वाहन पंजीकरण आंकड़ा 2024 के पिछले रिकॉर्ड से अधिक रहा। लगातार दूसरे वर्ष तेज बढ़ोतरी यह दिखाती है कि शहर में निजी गतिशीलता (प्राइवेट मोबिलिटी) की मांग तेजी से बढ़ रही है।
बढ़ते वाहनों से शहर को क्या फायदा और क्या नुकसान?
जहां एक ओर यह रुझान व्यापार और समग्र आर्थिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे शहरी समस्याएं भी गहराती जा रही हैं।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर के ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ भास्कर मैत्रा के अनुसार, वाहनों की बढ़ती संख्या से ट्रैफिक जाम बढ़ रहा है, प्रदूषण में इजाफा हो रहा है, यात्रा का समय लंबा हो रहा है और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में गिरावट देखी जा रही है।
किन RTO क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई?
शहर के चार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) के आंकड़ों के मुताबिक, तीन जोन में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। जबकि एक जोन में मामूली गिरावट देखने को मिली। इस उछाल की सबसे बड़ी वजह दो-पहिया वाहन और निजी कारें रहीं। जो महामारी के बाद बदले यात्रा व्यवहार, बढ़ते उपनगरीकरण और आसान वाहन फाइनेंसिंग से जुड़ी है।
मुख्य RTO में स्थिति कैसी रही?
बेलतला स्थित पब्लिक व्हीकल्स डिपार्टमेंट (PVD), जो शहर का मुख्य आरटीओ माना जाता है, ने 2025 में 44,455 वाहनों का पंजीकरण किया। यह 2024 की तुलना में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। यहां कुल पंजीकरण संख्या अब 9,83,823 तक पहुंच चुकी है। 2023 में हल्की गिरावट के बाद, लगातार दो वर्षों से वृद्धि बनी हुई है।
Taxi Kolkata
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सबसे तेज ग्रोथ किस जोन में दर्ज हुई?
बेहाला आरटीओ ने सभी जोन में सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की। 2025 में यहां 14,962 वाहन पंजीकृत हुए, जो पिछले साल की तुलना में 17.3 प्रतिशत अधिक है। 2023 के बाद से इस क्षेत्र में तेज रिकवरी देखने को मिली है। और 2024 के मुकाबले कुल बढ़ोतरी 36 प्रतिशत तक पहुंच गई। यहां कुल पंजीकरण अब 3,21,537 हो चुके हैं।
साल्ट लेक और कस्बा RTO का प्रदर्शन कैसा रहा?
साल्ट लेक आरटीओ में भी स्थिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2025 में 27,588 वाहन पंजीकृत हुए, जो 2024 के मुकाबले 8.4 प्रतिशत अधिक है। यहां कुल वाहन पंजीकरण 5,66,137 के पार पहुंच गया है।
वहीं कस्बा आरटीओ एकमात्र ऐसा जोन रहा, जहां 2025 में हल्की गिरावट आई। पंजीकरण घटकर 22,802 रह गया, जो सालाना आधार पर 1.52 प्रतिशत कम है। हालांकि, दीर्घकालिक आंकड़े यहां भी धीरे-धीरे विस्तार की ओर इशारा करते हैं और कुल पंजीकरण 4,94,740 तक पहुंच चुके हैं।
निजी वाहन ही क्यों बन रहे हैं पहली पसंद?
परिवहन अधिकारियों के अनुसार, बढ़ोतरी की मुख्य वजह दैनिक आवागमन के लिए दो-पहिया वाहन और परिवारों के लिए कॉम्पैक्ट कारों की बढ़ती मांग है। बढ़ती आय, शहर के बाहरी इलाकों में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन पर घटता भरोसा इस बदलाव को तेज कर रहा है।
कोलकाता
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आगे क्या संकेत दे रहे हैं आंकड़े?
2026 की शुरुआत में ही सभी आरटीओ जोन में नए पंजीकरण दर्ज होने लगे हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में भी कोलकाता में वाहन पंजीकरण का ग्राफ ऊपर की ओर रहेगा। हालांकि, इसके साथ ही नीति-निर्माताओं के सामने ट्रैफिक जाम, पार्किंग और शहरी प्रदूषण जैसी चुनौतियां और गंभीर होती जाएंगी।