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Avoidable Car Features: कार के वो फीचर्स जिनके बिना भी चल सकता है काम, ड्राइविंग में नहीं होती है कोई जरूरत

Mon, 29 Apr 2024 02:37 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज के जमाने की मॉडर्न कारों में अब टेक्नोलॉजी की वजह से कई तरह के फीचर्स आने लगे हैं। ये फीचर्स गाड़ी को ज्यादा प्रीमियम बनाते हैं और कुछ खरीदारों को आकर्षक और उपयोगी लग सकते हैं। लेकिन नई कार खरीदते समय इन फीचर्स को न चुनकर आप थोड़े पैसे बचा सकते हैं।
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Car Driving - फोटो : iStock
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विस्तार
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आज के जमाने की मॉडर्न कारों में अब टेक्नोलॉजी की वजह से कई तरह के फीचर्स आने लगे हैं। ये फीचर्स गाड़ी को ज्यादा प्रीमियम बनाते हैं और कुछ खरीदारों को आकर्षक और उपयोगी लग सकते हैं। लेकिन नई कार खरीदते समय इन फीचर्स को न चुनकर आप थोड़े पैसे बचा सकते हैं। ये फीचर्स न सिर्फ गाड़ी की कीमत बढ़ाकर आपके बजट पर असर डालते हैं। बल्कि ज्यादा बैटरी पावर खाने से गाड़ी की ओवरऑल कार्यक्षमता पर भी बोझ डालते हैं।
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इन फीचर्स की उपयोगिता अक्सर अलग-अलग होती है क्योंकि हर ग्राहक की पसंद अलग होती है। लेकिन, अगर हम नई कार खरीदते समय कुल मिलाकर सभी फीचर्स को देखें, तो कुछ फीचर्स को व्यावहारिकता के नजरिए से नजरअंदाज किया जा सकता है।

LED डे-टाइम रनिंग लाइट्स (DRL)
लगभग सभी कारों में, चाहे किसी भी रेंज की हो, अब LED डे-टाइम रनिंग लाइट्स (DRL) एक नया चलन बन गया है। एंट्री-लेवल मॉडल को छोड़कर, लगभग सभी कारों में DRL आती हैं। DRL का मकसद है कि सामने से आने वाले वाहनों को आपकी गाड़ी दिखाई दे सके। इसके अलावा, कई ग्राहक DRL को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह गाड़ी के स्टाइल और प्रीमियम लुक को बढ़ा देता है।

हालांकि, DRL उन इलाकों में कारों के लिए उपयोगी फीचर है जहां कोहरे के कारण कम दिखाई देता है। भारत में, मौसम की स्थिति आमतौर पर वैसी नहीं होती है, इसलिए DRL को छोड़ा जा सकता है।

सनरूफ
सनरूफ की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन यह फीचर भारत में उतना व्यावहारिक नहीं है। सनरूफ मूल रूप से बाहरी मौसम का अनुभव करने के लिए डिजाइन किए गए थे। जैसे कि यूरोप में, जहां धूप ज्यादा प्रचलित है। भारत में सनरूफ कम उपयोगी होते हैं। और इसके अलावा, इन्हें अक्सर हमारे देश में अराजकता पैदा करने और खतरनाक गतिविधियां करने के लिए गलत इस्तेमाल किया जाता है।

ऑटोमैटिक हेडलाइट्स
स्वचालित हेडलाइट्स लग्जरी कारों में एक आम फीचर हैं। इनमें एक लाइट सेंसर शामिल होता है जो अंधेरा होने पर हेडलाइट्स चालू कर देता है। हालांकि यह फीचर सुविधाजनक है। लेकिन मैन्युअल रूप से हेडलाइट्स को कंट्रोल करना भी कोई बहुत कठिन काम नहीं है। और इससे आपको पैसे बचाने में मदद मिल सकती है।

रेन सेंसिंग वाइपर्स
ऑटोमैटिक वाइपर, जिन्हें रेन-सेंसिंग वाइपर के रूप में भी जाना जाता है, विंडशील्ड पर पानी का पता लगा सकते हैं और उसी के मुताबिक काम करना शुरू कर देते हैं। हालांकि, ऑटोमैटिक हेडलाइट्स की तरह, कुछ लोग इस फीचर को बड़ा-चढ़ाकर पेश किया हुआ मान सकते हैं। क्योंकि यह काम मैन्युअल तरीके से भी किया जा सकता है।

जेस्चर कंट्रोल
जेस्चर कंट्रोल फीचर्स सिर्फ आपके हाथों की हलचल से आपकी कार के काम को कंट्रोल करने का काम करते हैं। इसे कारों में इस मकसद से शामिल किया गया है कि ड्राइवरों को अब सड़क से नजरें नहीं हटानी पड़ेंगी। हालांकि, कारों में जेस्चर कंट्रोल फीचर्स में ड्राइवर का ध्यान भटकाने की क्षमता होती है। वॉल्यूम लेवल जैसे आसान काम को नॉब घुमाकर ज्यादा सुरक्षित तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।

टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम
मॉडर्न कारों में टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम तेजी से देखने को मिल रहे हैं। लेकिन, इतनी बड़ी टचस्क्रीन अक्सर चालकों का ध्यान भटकाती हैं। स्क्रीन पर कंट्रोल का इस्तेमाल करना या स्क्रीन पर वीडियो चलना चालक का ध्यान भटका सकता है, जिससे दुर्घटना हो सकती है।

मोबाइल फोन या गाड़ी के रेगुलर स्टीरियो का इस्तेमाल करके म्यूजिक चलाया जा सकता है। मैप की जांच के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम को आसानी से छोड़ा जा सकता है।
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वायरलेस चार्जिंग
वायरलेस चार्जिंग एक और फीचर है जो कई आधुनिक कारों में आ रहा है और इसे काफी पसंद भी किया जाता है। लेकिन, रेगुलर प्लग-इन चार्जिंग टेक्नोलॉजी के मुकाबले वायरलेस चार्जिंग का कोई खास फायदा नहीं है। इसके अलावा, वायरलेस चार्जिंग मोबाइल डिवाइस की बैटरी को कमजोर कर देता है और उसमें गर्मी बढ़ा देता है।
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