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Used EV Benefits: पुरानी EV खरीदने से बचेंगे लाखों रुपये, स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा; जानें रिपोर्ट

Sun, 17 May 2026 01:55 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Second Hand Electric Car Benefits: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की कोशिशें जारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जनता से ईवी अपनाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन नई गाड़ियों की ऊंची कीमतें सबके बजट में नहीं होती है। ऐसे में अब पुरानी यानी Used Electric Car एक बड़ा और किफायती विकल्प बनकर सामने आ रही है। एक स्टडी के मुताबिक, पुरानी EV खरीदना लंबे समय में पेट्रोल और डीजल कारों से कहीं ज्यादा फायदे का सौदा साबित हो सकता है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (University of Michigan) की एक ताजा स्टडी में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। इसके अनुसार अगर कोई व्यक्ति तीन साल पुरान मिड-साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी खरीदता है, तो वह नई पेट्रोल एसयूवी की तुलना में लाखाें रुपये की बचत कर सकती है। वहीं, अगर इसी कैटेगरी में पुरानी पेट्रोल SUV खरीदी जाए, तो ईवी के अपेक्षा कम रुपये बचते हैं। यानी लंबे समय में Used EV जेब पर सबसे कम बोझ डाल सकती है।
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इलेक्ट्रिक कार में बजट का गणित समझें....

रिसर्च में कहा गया है कि अगर दस साल की लंबी अवधि में पुरानी इलेक्ट्रिक कारें साधारण कारों के मुकाबले सबसे ज्यादा पैसों की बचत कर सकती हैं। जानें कैसे..
  • 12.47 लाख रुपये की सीधी बचत: अगर आप बिल्कुल नई कार खरीदने के बजाय 3 साल पुरानी मिड-साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी खरीदते हैं, तो नई पेट्रोल एसयूवी के मुकाबले गाड़ी के पूरे जीवनकाल में आपको लगभग 13,000 डॉलर (भारतीय रुपयों में करीब 12.47 लाख रुपये) की सीधी बचत होगी।
  • पेट्रोल कारों में बेहद कम फायदा: इसके विपरीत, अगर आप इसी मिड-साइज कैटेगरी की कोई पुरानी पेट्रोल एसयूवी खरीदते हैं, तो आपके जीवनकाल की बचत महज 3,000 डॉलर (करीब 2.87 लाख रुपये) के आसपास ही सिमट कर रह जाती है।
ऐसे होती है इतनी बचत?

कीमत में भारी गिरावट (Depreciation Value)
इलेक्ट्रिक कारों की रीसेल वैल्यू (दोबारा बेचने पर मिलने वाली कीमत) शुरुआती कुछ वर्षों में साधारण कारों की तुलना में ज्यादा होती है। हालांकि इसका सबसे बड़ा नुकसान नई ईवी खरीदने वालों को उठाना पड़ सकता है। लेकिन पुरानी ईवी बाजार के खरीदारों के लिए यह एक लॉटरी की तरह है। आपको एक बेहतरीन और प्रीमियम कंडीशन वाली कार बहुत ही कम और आधी कीमतों में मिल सकती है।
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घर पर चार्जिंग का डबल फायदा
इसके अलावा पुरानी ईवी से अभी भी लाखों रुपये की बचत तब मुमकिन है, जब आप अपनी कार को घर पर चार्ज करते हैं। क्योंकि घरेलू बिजली की दरें कमर्शियल दरों से काफी कम होती हैं, इसलिए रनिंग कॉस्ट (चलने का खर्च) ना के बराबर हो जाती है।

नई EV खरीदना क्यों पड़ सकता है महंगा?
रिसर्च के मुताबिक बिल्कुल नई इलेक्ट्रिक एसयूवी या इलेक्ट्रिक पिकअप खरीदने पर शुरुआती कीमत काफी ज्यादा होती है। सात साल के कुल खर्च में खरीद कीमत, चार्जिंग और मेंटेनेंस जोड़ने पर नई EV कई मामलों में हाइब्रिड और पेट्रोल कार से महंगी पड़ सकती है। लेकिन 3 साल पुरानी EV खरीदने पर यही खर्च काफी कम हो सकता है।

PM मोदी की EV अपील के बीच बढ़ सकता है Used EV मार्केट
ऊर्जा संकट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर जोर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोगों से इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की अपील कर चुके हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाले समय में Used EV मार्केट तेजी से बढ़ सकता है, क्योंकि यह कम बजट में इलेक्ट्रिक कार अपनाने का आसान रास्ता बन रहा है।

समझदारी का सौदा बन सकती है सेकंड हैंड इलेक्ट्रिक कार
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप कम बजट में इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं, तो Used EV सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। नई ईवी की तेजी से गिरती रीसेल वैल्यू जहां पहले मालिक के लिए नुकसान बनती है, वहीं सेकेंड हैंड खरीदारों के लिए यह फायदे का मौका बन जाती है। कम रनिंग कॉस्ट, कम मेंटेनेंस और सस्ती खरीद कीमत की वजह से सेकंड हैंड इलेक्ट्रिक कार अब भारतीय ग्राहकों के लिए स्मार्ट मोबिलिटी ऑप्शन बनती जा रही है।
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