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Second-Hand Car: सेकेंड-हैंड कार खरीद रहे हैं? नुकसान से बचाना है तो इन जरूरी बातों पर दें ध्यान

Sat, 29 Nov 2025 04:10 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस्तेमाल की गई कार खरीदते समय जरा सी चूक बड़ा आर्थिक नुकसान करा सकती है। इसलिए यहां हम आपको बता रहे हैं कि एक सेकेंड हैंड कार खरीदते समय क्या सतर्कता बरतना जरूरी है।
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सेकेंड हैंड कार - फोटो : AI
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विस्तार
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कई लोगों के लिए कार खरीदना एक सपना होता है, लेकिन आर्थिक स्थितियां अक्सर नई कार खरीदने की अनुमति नहीं देतीं। ऐसे में सेकेंड-हैंड कार एक किफायती विकल्प बन जाती है। यही कारण है कि सेकेंड-हैंड कारों का बाजार लगातार तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, इस्तेमाल की गई कार खरीदते समय जरा सी चूक बड़ा आर्थिक नुकसान करा सकती है। इसलिए यहां हम आपको बता रहे हैं कि एक सेकेंड हैंड कार खरीदते समय क्या सतर्कता बरतना जरूरी है।
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दस्तावेजों की पूरी जांच क्यों जरूरी है
सेकेंड-हैंड कार खरीदते समय सबसे पहले उसके सभी कागजात ध्यान से जांचें। इसमें कार का सर्विस रिकॉर्ड, रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस शामिल है। रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर होने के बाद यह सुनिश्चित करें कि इंश्योरेंस भी आपके नाम पर हो। अगर आरसी आपके नाम पर है लेकिन इंश्योरेंस अभी भी पिछले मालिक के नाम पर है, तो किसी भी स्थिति में आपकी पॉलिसी रद्द हो सकती है, जिससे बड़ा नुकसान होने की संभावना रहती है।

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सर्विस रिकॉर्ड और टेक्निकल निरीक्षण की अहमियत
कार खरीदने से पहले उसका पूरा सर्विस रिकॉर्ड देखना बेहद जरूरी होता है। साथ ही एक तकनीकी निरीक्षण भी कराएं। कई बार विक्रेता ओडोमीटर के साथ छेड़छाड़ कर देते हैं, जिससे कार की असली माइलेज का पता नहीं चलता। माइलेज गलत होने पर बाद में इंजन खराब होने का खतरा बढ़ जाता है, और यह खर्च बहुत भारी पड़ सकता है।

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एक्सीडेंट वाली कारों से सावधान रहें
जानकारों की मानें तो, कई बार दुर्घटनाग्रस्त कारों को ठीक करके और फिर से पेंट करवाकर बेच दिया जाता है। इसलिए खरीदने से पहले यह जांचना बहुत महत्वपूर्ण है कि कार कहीं रिपेंट तो नहीं की गई है। 

अक्सर डीलर इंजन को साफ-सुथरा दिखाकर और फीचर्स बताकर कार को आकर्षक बना देते हैं। लेकिन बेहतर होगा कि आप किसी अनुभवी मैकेनिक को साथ ले जाएं और इंजन की अच्छी तरह जांच करवाएं। इससे भविष्य में होने वाले भारी खर्चों से बचा जा सकता है।

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