UP Budget 2026 Transport: उत्तर प्रदेश में हर साल करीब 22 हजार लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, जो देश में सबसे अधिक है। इस गंभीर चुनौती से निपटने और राज्य को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए योगी सरकार ने बजट 2026-27 में ग्रीन और सेफ ट्रांसपोर्ट पर दांव लगाया है। परिवहन मंत्री अनुसार, ये बजट न केवल सुविधाओं का विस्तार करेगा बल्कि तकनीक के जरिए आम आदमी के सफर को सुलभ और सुरक्षित भी बनाएगा।
राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में सार्वजनिक परिवहन और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। ई-बसों की खरीद, बस टर्मिनलों के निर्माण, चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना और दुर्घटना रोकथाम योजनाओं के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे आधुनिक सुविधाओं से लैस बस स्टेशनों का निर्माण होगा। यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, डिजिटल सूचना प्रणाली और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
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परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और तकनीकी रूप से सक्षम यात्रा अनुभव देना है। पर्यावरण की रक्षा और डीजल बसों पर निर्भरता कम करने के लिए बजट में भारी निवेश किया गया है:
400 करोड़ रुपये: इस राशि से नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी, जिससे शहरों में प्रदूषण का स्तर कम होगा।
50 करोड़ रुपये: बस स्टैंडों पर ही चार्जिंग स्टेशनों का बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए आवंटित किए गए हैं, ताकि ई-बसों का संचालन बिना बाधा के हो सके।
मिशन जीरो फैटैलिटी
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने मुख्यमंत्री जीरो फैटैलिटी विजन स्कीम पेश की है। जानिए इसके मुख्य बिंदु क्या-क्या हैं...
50 करोड़ रुपये का आवंटन: दुर्घटना रोकने और हादसे के बाद गोल्डन ऑवर में त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) सुनिश्चित करने के लिए।
ब्लैक स्पॉट्स का अंत: राज्य की सड़कों और पुलों पर जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं (Black Spots), उनके सुधार के लिए 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जन जागरूकता: रोड सेफ्टी मित्र और राहवीर जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं को सड़क सुरक्षा से जोड़ा जाएगा ताकि जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
परिवहन विभाग ने जनवरी में रोड सेफ्टी मंथ मनाकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया। साथ ही रोड सेफ्टी मित्र कार्यक्रम, राहवीर योजना का उद्देश्य भी बताया। कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटना पीड़ितों काे तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश भी दिए है, कहा कि स्वीकृत बजट का उपयोग पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि जनता को योजनाओं का लाभ शीघ्र मिल सके।