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Chennai-Bengaluru Expressway: नितिन गडकरी का एलान- चेन्नई से बंगलूरू सिर्फ दो घंटे में पहुंचेंगे

Thu, 26 Feb 2026 12:01 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इस साल के आखिर तक नया एक्सप्रेसवे चालू हो जाने के बाद चेन्नई और बंगलूरू के बीच यात्रा का समय घटकर सिर्फ दो घंटे रह जाएगा।
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Nitin Gadkari - फोटो : X/@nitin_gadkari
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विस्तार
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि चेन्नई-बंगलूरू एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होते ही दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर महज दो घंटे रह जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक इस एक्सप्रेसवे के चालू होने की उम्मीद है। 

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चेन्नई-बंगलूरू एक्सप्रेसवे कितना लंबा है और अभी क्या स्थिति है?
चेन्नई-बंगलूरू एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 260 किलोमीटर है। फिलहाल इसका कुछ हिस्सा परिचालन में है, जबकि शेष हिस्सों पर काम अंतिम चरण में चल रहा है।
 

यह घोषणा किस मंच पर की गई?
मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवॉर्ड्स के तीसरे संस्करण में अपने संबोधन के दौरान दी। इस दौरान उन्होंने देश में चल रही कई अहम सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर भी बात की।

दिल्ली-देहरादून और अन्य एक्सप्रेसवे को लेकर क्या कहा गया?
गडकरी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लगभग तैयार है और इसके शुरू होने के बाद यह सफर भी दो घंटे के भीतर पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार दिल्ली से चेन्नई की दूरी करीब 320 किलोमीटर तक कम करने की दिशा में काम कर रही है।
 

क्या सरकार इको-फ्रेंडली सड़कों पर भी ध्यान दे रही है?
मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का फोकस सिर्फ तेज रफ्तार सड़कों पर नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में टनल निर्माण की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा।

हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशनों को लेकर क्या नया प्रयोग हो रहा है?
गडकरी ने जानकारी दी कि सरकार 10 अलग-अलग रूट्स पर हाइड्रोजन फ्यूल फिलिंग स्टेशन स्थापित करने का एक नया प्रयोग कर रही है।
उन्होंने कहा कि फिलिंग स्टेशन इस तकनीक की सफलता के लिए बेहद अहम हैं। लेकिन कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां अभी और रिसर्च, डेवलपमेंट और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है।

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क्या ठेकेदारों पर सख्ती की बात भी कही गई?
हां। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि धोखाधड़ी करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

रणनीतिक सड़कों को लेकर सरकार की क्या प्राथमिकता है?
गडकरी ने यह भी रेखांकित किया कि भारत को पड़ोसी देशों से जुड़ने वाली रणनीतिक सड़कों के विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे न केवल व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
चेन्नई-बंगलूरू एक्सप्रेसवे के पूरा होने से दक्षिण भारत के दो प्रमुख शहरों के बीच यात्रा न सिर्फ तेज, बल्कि ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। इसके साथ ही सरकार का फोकस तेज, हरित और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर साफ तौर पर नजर आता है।

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