उत्तराखंड सरकार से मांगा प्रस्ताव
गडकरी ने उत्तराखंड सरकार से इस 'एयर बस' प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत प्रस्ताव भेजने को कहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही प्रस्ताव आएगा, केंद्र सरकार पूरी सहायता देगी। गडकरी ने बताया कि उन्होंने सड़क और हेलीकॉप्टर दोनों तरीकों से देहरादून का ट्रैफिक देखा है और वहां नई सोच के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर की सख्त जरूरत है।
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तकनीक, पर्यावरण और भविष्य की सोच पर जोर
गडकरी ने सिर्फ ट्रैफिक मैनेजमेंट ही नहीं, बल्कि देश के विकास में तकनीक और पर्यावरण की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने शिक्षा संस्थानों से कहा कि वे वैल्यू-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा दें और कचरे से ऊर्जा बनाने की संभावनाओं, खासकर ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन के उत्पादन पर काम करें।
उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है जब हमें साफ-सुथरे ट्रांसपोर्ट विकल्पों की तरफ बढ़ना चाहिए। इसमें इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल गाड़ियां अहम भूमिका निभा सकती हैं। जिससे पर्यावरण को नुकसान कम होगा और लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा।
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गडकरी को मानद डॉक्टरेट की उपाधि
इस समारोह में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी ने गडकरी को इन्फ्रास्ट्रक्चर और गवर्नेंस में उनके योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी दी। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे। उन्होंने राज्य में सड़कों, एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक हब्स के विकास के लिए गडकरी की सोच और सहयोग की सराहना की।
धामी ने यह भी कहा कि राज्य नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा जैसे क्षेत्रों में हो रही प्रगति का भी जिक्र किया।
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