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BH-Series: सरकार ने पेश की नए वाहनों के लिए BH-सीरीज, जानें किसे मिलेगा ये नंबर प्लेट

Wed, 22 Dec 2021 04:50 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने बुधवार को कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अगस्त में नए वाहनों के लिए एक नया पंजीकरण चिह्न यानी "भारत सीरीज (BH-सीरीज)" पेश किया है।
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देश का पहला BH-Series नंबर देते महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री सतेज पाटिल - फोटो : For Reference Only
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विस्तार
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सरकार ने बुधवार को कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अगस्त में नए वाहनों के लिए एक नया पंजीकरण चिह्न यानी "भारत सीरीज (BH-सीरीज)" पेश किया है। 
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जब वाहन का मालिक एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होता है तो इस पंजीकरण चिह्न वाले एक निजी वाहन को नए पंजीकरण चिह्न अलॉट किए जाने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि "भारत सीरीज (बीएच-सीरीज)" के तहत यह वाहन पंजीकरण सुविधा रक्षा कर्मियों, केंद्र सरकार/राज्य सरकारों/केंद्र/राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कंपनियों/संगठनों के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक आधार पर उपलब्ध होगी, जिनके कार्यालय चार या अधिक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश है। इससे भारत के राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में निजी वाहनों की बिना रोकटोक के आवाजाही की सुविधा होगी।


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मोटर वाहन टैक्स दो साल के लिए या दो के गुणक में लगाया जाएगा। चौदहवें वर्ष के पूरा होने के बाद, मोटर वाहन टैक्स सालाना लगाया जाएगा जो कि उस वाहन के लिए पहले चार्ज की जाने वाली राशि का आधा होगा।

Number Plate - फोटो : For Reference Only
इसका सबसे बड़ा फायदा ट्रांसफरेबल जॉब वाले लोगों को होगा, जो एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते रहते हैं। यह लोगों को हर बार नए राज्य में जाने पर अपने वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया से बचाएगा और अपने स्थान को बदलने में काफी मददगार साबित होगा।

ये है नया फॉर्मेट
BH रजिस्ट्रेशन का फॉर्मेट YY BH #### XX रखा गया है। जिसमें BH पहले पंजीकरण के वर्ष को दर्शाता है, BH भारत सीरीज का कोड है, #### में 0000 से 9999 तक रैंडम नंबर होंगे, XX में AA से ZZ के अक्षर होंगे। 


नंबर प्लेट - फोटो : Istock

कैसे करें आवेदन

  • अगर आप उपयुक्त योग्यता रखते हैं, तो आप आवेदन के पात्र हैं। अगर आपका अपना कोई व्यापार है या फिर किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, तो आप भी आवेदन कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए चार से ज्यादा राज्यों या केंद्र प्रशासित प्रदेशों में दफ्तर होने जरूरी हैं।
  • आवेदन करने के लिए आपको सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर Vahan पोर्टल पर जाना होगा।
  • नए वाहन की खरीद के दौरान भी डीलर जरिए बीएच-सीरीज का नंबर लिया जा सकता है। इसके लिए वाहन मालिक को वाहन पोर्टल पर उपलब्ध फॉर्म 20 और फॉर्म 60 भरना होगा।
  • प्राइवेट सेक्टर से जुड़े कर्मियों को एंप्लॉयमेंट सर्टिफिकेट के साथ एंप्लॉय आईडी इन फॉर्म्स के साथ जमा कराना होगा।

 

नंबर प्लेट - फोटो : For Reference Only

भारत सीरीज के लिए रोड टैक्स कैलकुलेशन

  • बीएच सीरीज नंबर प्लेट वाले वाहनों को खरीद के समय 15 साल के रोड टैक्स का भुगतान करने के बजाय दो साल के लिए और उसके बाद हर दो साल में रोड टैक्स का भुगतान करना होगा। प्रथम पंजीकरण की तिथि से 14वें वर्ष के बाद मोटर व्हीकल टैक्स हर साल लगाया जाएगा जो कि पूर्व में लगने वाले टैक्स का आधा होगा।
  • 10 लाख रुपये से कम कीमत वाले वाहनों पर 8 फीसदी टैक्स लगेगा। जबकि 10 से 20 लाख रुपये के बीच की कीमत वाले वाहनों पर 10 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा। 20 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले वाहनों पर 12 फीसदी टैक्स लगेगा।  
  • डीजल से चलने वाले वाहनों से नियमित राशि के अलावा 2 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों से निर्धारित राशि से 2 फीसदी कम टैक्स वसूला जाएगा। 
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नंबर प्लेट - फोटो : Istock

क्या है आरसी ट्रांसफर की पुरानी प्रक्रिया

सरकार के भारत सीरीज रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को शुरू करने से पहले वाहन मालिकों को दूसरे राज्य में वाहन ट्रांसफर कराने के लिए कई मुश्किल प्रक्रियाओं से गुजरना होता था। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 47 के तहत दूसरे राज्य में वाहन के इस्तेमाल के लिए 12 महीनों के भीतर फिर से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। जिसके लिए वाहन मालिक को पुराने राज्य के आरटीओ से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना पड़ता है और नए राज्य में रोड टैक्स का भुगतान करने के बाद अपने स्थानीय आरटीओ में टैक्स रिफंड के लिए आवेदन देना पड़ता था। राज्य बदलने पर यह प्रक्रिया फिर से दोहरानी पड़ती थी। लेकिन बीएच-सीरीज आने के बाद इन झंझटों से मुक्ति मिल गई है।
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