LCV सेगमेंट में सबसे ज्यादा बढ़त
अक्तूबर में वाणिज्यिक वाहन सेगमेंट ने मजबूत प्रदर्शन दिखाया। रिटेल बिक्री में 17.7 प्रतिशत सालाना बढ़ोतरी और सितंबर की तुलना में 49.5 प्रतिशत बढ़त दर्ज की गई। हल्के वाणिज्यिक वाहनों (LCV) (एलसीवी) ने सबसे ज्यादा रफ्तार पकड़ी, जिसमें 29.8 प्रतिशत साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ और 64.3 प्रतिशत माह-दर-माह (MoM) उछाल देखा गया।
ICRA के अनुसार, ग्रामीण भारत से बढ़ती लॉजिस्टिक जरूरतें, जीएसटी सुधार और त्योहारों से संबंधित खरीदारी ने एलसीवी बिक्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
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इसके विपरीत, मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों (M&HCV) की बिक्री में 1.4 प्रतिशत की सालाना गिरावट दर्ज हुई। क्योंकि कई बेड़े संचालकों ने नए BS-VII उत्सर्जन मानकों से पहले खरीदारी को टाल दिया। हालांकि, 26 प्रतिशत की माह-दर-माह वृद्धि दर्शाती है कि जीएसटी 2.0 के बाद पेंडिंग मांग बाजार में लौटने लगी है।
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थोक बाजार में भी बिक्री में उछाल
थोक बिक्री (होलसेल) ने भी इसी मजबूती को दोहराया। अक्तूबर 2025 में घरेलू सीवी थोक बिक्री में 11.4 प्रतिशत साल-दर-साल और 7.8 प्रतिशत माह-दर-माह बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026 की पहली सात महीनों में सीवी थोक बिक्री 4.5 प्रतिशत बढ़ी। जिसका श्रेय भारी माल परिवहन में बढ़ोतरी और अवसंरचना विकास के तेज कदमों को जाता है।
अगले वित्त वर्ष के लिए ICRA का अनुमान है कि सीवी उद्योग 3-5 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि दर्ज करेगा। जिसे अवसंरचना परियोजनाओं, स्थिर अर्थव्यवस्था और बढ़ती माल ढुलाई की मांग से समर्थन मिलेगा।
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टू-व्हीलर सेगमेंट में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री
अक्तूबर 2025 दोपहिया वाहनों के लिए ऐतिहासिक महीना साबित हुआ। रिटेल बिक्री में 51.8 प्रतिशत साल-दर-साल उछाल आया। जो किसी भी एक महीने में दर्ज की गई अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया (E2W) की बिक्री भी बढ़त पर रही-
- इस महीने 1,44,365 यूनिट्स बिकीं, जो सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की वृद्धि है।
- इलेक्ट्रिक दोपहिया की बाजार हिस्सेदारी 6-7 प्रतिशत के बीच स्थिर बनी रही।
जो दर्शाता है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
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ऑटो उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत
त्योहारों और जीएसटी 2.0 के प्रभाव ने अक्तूबर को भारतीय ऑटो उद्योग के लिए बेहद सशक्त महीना बना दिया है। मजबूत ग्रामीण मांग, उपभोक्ता विश्वास में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की तेजी ने बाजार को गति दी है।
टू-व्हीलर और वाणिज्यिक वाहन सेगमेंट दोनों की मजबूती इस बात का संकेत है कि आने वाले महीनों में उद्योग में स्थिरता और विकास की संभावनाएं बनी रहेंगी।
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