दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और मारुति सुजुकी इंडिया के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी में रोड सेफ्टी रिफ्रेशर वर्कशॉप की एक श्रृंखला आयोजित की। ये कार्यक्रम सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के Safe Journey Initiative का हिस्सा था, जिसका मकसद कमर्शियल वाहन और तीन-पहिया वाहन चालकों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित ड्राइविंग आदतों को मजबूत करना है। ये पहल सड़क सुरक्षा संस्कृति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर केंद्रित है।
कहां हुई इसकी ट्रेनिंग?
लोनी-बुराड़ी और सराय काले खान स्थित Institute of Driving Training and Research (IDTR) सेंटर्स में 200 से अधिक कमर्शियल और तीन-पहिया वाहन चालकों ने हिस्सा लिया। ये ट्रेनिंग खासतौर पर उन ड्राइवरों के लिए डिजाइन की गई थी, जो रोजाना भारी ट्रैफिक और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में वाहन चलाते हैं।
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इस ट्रेनिंग सेशन्स का संचालन IDTR के अनुभवी फैकल्टी और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने किया। इस दौरान ट्रैफिक नियमों की जानकारी, डिफेंसिव ड्राइविंग तकनीकें और सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार जैसे टॉपिक्स पर जानकारी दी गई। इन्हें इंटरैक्टिव मॉड्यूल और प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन के जरिए समझाया गया।
SIAM के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रशांत के बनर्जी ने कहा कि हमारे इनिशिएटिव के माध्यम से SIAM अपनी सदस्य कंपनियों और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर देशभर में सुरक्षित ड्राइविंग प्रैक्टिस को बढ़ावा देने और रोड सेफ्टी कल्चर को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन वर्कशॉप्स में केवल रोड सेफ्टी ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि चालकों के लिए मेडिकल चेक-अप और हेल्थ सपोर्ट भी शामिल था। इसका उद्देश्य ड्राइवरों की शारीरिक फिटनेस और सड़क सुरक्षा के बीच के संबंध को मजबूत करना था। कमर्शियल और तीन-पहिया वाहन चालक सड़क परिवहन प्रणाली की रीढ़ माने जाते हैं। ऐसे में ये पहल उन्हें सशक्त बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, खासकर नेशनल रोड सेफ्टी मंथ के दौरान