अगर आप हाल ही में कोई नई टोयोटा कार बुक करने गए होंगे, तो आपने इसके लंबे वेटिंग पीरियड का सामना जरूर किया होगा, लेकिन अब ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने फैसला किया है कि वह अगले साल यानी 2027 की शुरुआत से कर्नाटक के बिदादी के अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की प्रोडक्शन क्षमता में बड़ा विस्तार करेगी। कंपनी का मुख्य उद्देश्य अपनी गाड़ियों की डिलीवरी प्रक्रिया को तेज करना और ग्राहकों को गाड़ियों के लिए लंबा इंतजार न करवाना है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस कदम का मकसद ग्राहकों को कारों की डिलीवरी तेजी से देना और आने वाले नए मॉडल्स के लिए उत्पादन की तैयारी करना है।
बिदादी में तीसरे प्लांट से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के पास फिलहाल कर्नाटक के बिदादी में दो प्लांट हैं। इन दोनों की कुल सालाना उत्पादन क्षमता 3.42 लाख गाड़ियां है। साथ ही कंपनी बिदादी में तीसरा प्लांट तैयार कर रही है, जिसमें अलग-अलग मॉडलों के लिए सालाना एक लाख गाड़ियां बनाने की क्षमता होगी। इस क्षमता में इनोवा हाइक्रॉस जैसे मॉडल भी शामिल हैं। यह अतिरिक्त उत्पादन क्षमता पहले इसी साल शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन अब कंपनी के अधिकारी के अनुसार, उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया 2027 की शुरुआत से आगे बढ़ेगी।
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर में सेल्स, सर्विस और यूज्ड कार बिजनेस के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट सबरी मनोहर ने नई दिल्ली में Glanza फेसलिफ्ट के लॉन्च के मौके पर कहा कि कंपनी उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
ग्राहकों का वेटिंग पीरियड कम करना है लक्ष्य
कई कार मॉडलों की मांग और उपलब्ध उत्पादन के बीच अंतर होने पर ग्राहकों को डिलीवरी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। टोयोटा अब हर मॉडल के हिसाब से उत्पादन बेहतर करने पर काम कर रही है, ताकि ग्राहकों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
सबरी मनोहर के मुताबिक, कंपनी नहीं चाहती कि कारों के लिए वेटिंग पीरियड लंबा हो। इसलिए अलग-अलग मॉडलों के उत्पादन को उनकी मांग के हिसाब से बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्राहकों को होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, कंपनी ने अभी यह नहीं बताया है कि किस मॉडल का उत्पादन कितना बढ़ेगा या इससे अलग-अलग कारों के वेटिंग पीरियड में कितनी कमी आएगी।
महाराष्ट्र के बिडकिन में भी बनेगा नया प्लांट
टोयोटा की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना सिर्फ बिदादी तक सीमित नहीं है। कंपनी महाराष्ट्र के बिडकिन इंडस्ट्रियल एरिया में भी नया प्लांट लगा रही है।
इस प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता एक लाख गाड़ियां होगी। इसके 2029 की पहली छमाही तक शुरू होने की उम्मीद है। यानी बिदादी में उत्पादन बढ़ाने की योजना के बाद कंपनी की विस्तार रणनीति का अगला बड़ा कदम महाराष्ट्र में नया प्लांट शुरू करना होगा।
इन दोनों योजनाओं का मकसद कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। हालांकि, बिडकिन प्लांट में किन-किन मॉडलों का उत्पादन होगा, इसकी जानकारी इस घोषणा में नहीं दी गई है।
टोयोटा ग्लैंजा फेसलिफ्ट भी हुई लॉन्च
उत्पादन क्षमता बढ़ाने की घोषणा के बीच टोयोटा ने बुधवार को अपनी ग्लैंजा हैचबैक का फेसलिफ्ट भी लॉन्च किया। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.99 लाख रुपये रखी गई है। एसयूवी की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद टोयोटा का मानना है कि हैचबैक की मांग अभी भी बनी हुई है। सबरी मनोहर के मुताबिक, पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहक, छोटी कार पसंद करने वाले शहरी खरीदार और ग्रामीण इलाकों के ग्राहक इस सेगमेंट में रुचि रखते हैं। इससे साफ है कि कंपनी के लिए छोटी कारों का बाजार भी अहम बना हुआ है। Glanza फेसलिफ्ट इसी सेगमेंट में कंपनी की पेशकश है।
क्या टोयोटा की कारें महंगी होंगी?
कारों के उत्पादन और नए मॉडल के अलावा कंपनी कच्चे माल और कंपोनेंट की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव पर भी नजर रख रही है। जब सबरी मनोहर से पूछा गया कि क्या टोयोटा कारों की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है, तो उन्होंने कहा कि कंपनी स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
उनके मुताबिक, कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से लागत का कुछ बोझ ग्राहकों तक पहुंचाना पड़ सकता है। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी कब की जाएगी और कितनी होगी, इसका फैसला सही समय और लागत के आकलन के आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी की किसी निश्चित तारीख या रकम का ऐलान नहीं किया है।
ग्राहकों के लिए क्या मायने हैं ये बदलाव?
बिदादी में उत्पादन बढ़ाने और महाराष्ट्र में नया प्लांट लगाने की योजनाएं टोयोटा की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम हैं। अतिरिक्त क्षमता से कंपनी को अलग-अलग मॉडलों की मांग के हिसाब से उत्पादन करने में मदद मिल सकती है। इससे लंबे वेटिंग पीरियड को कम करने की संभावना भी बनेगी।
वहीं, ग्लैंजा फेसलिफ्ट का लॉन्च दिखाता है कि कंपनी एसयूवी के साथ हैचबैक सेगमेंट पर भी ध्यान दे रही है। दूसरी ओर, कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण भविष्य में कीमतों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।