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टोयोटा ला रही है नेक्स्ट-जनरेशन हाइब्रिड टेक्नोलॉजी: 15% से ज्यादा बढ़ेगा माइलेज, क्या है मल्टी-पाथवे प्लान?

Fri, 30 Oct 2026 01:09 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • जापानी वाहन निर्माता टोयोटा अपनी भविष्य की कारों के लिए नई पीढ़ी का हाइब्रिड पावरट्रेन विकसित कर रही है।
  • टोयोटा का लक्ष्य इस नई तकनीक के जरिए ईंधन दक्षता में 15% से अधिक सुधार हासिल करना है।
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Toyota Hybrid Engine Efficiency - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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जापानी ऑटोमोबाइल दिग्गज टोयोटा (Toyota) अपने भविष्य के 'मल्टी-पाथवे व्हीकल प्लेटफॉर्म्स' के लिए एक नेक्स्ट-जनरेशन हाइब्रिड पावरट्रेन विकसित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य इस नई तकनीक के जरिए ईंधन दक्षता (माइलेज) में 15 प्रतिशत से अधिक का सुधार हासिल करना है। इस नए हाइब्रिड सिस्टम में बिल्कुल नए 1.5-लीटर 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन (नैचुरली एस्पिरेटेड और टर्बोचार्ज्ड वेरिएंट्स) के साथ पहले से अधिक कॉम्पैक्ट और हल्के इलेक्ट्रिक मोटर्स, पावर कंट्रोल यूनिट्स और इनवर्टर का इस्तेमाल किया जाएगा।

यह तकनीक कार्बन न्यूट्रैलिटी हासिल करने के लिए टोयोटा की उस वैश्विक रणनीति का हिस्सा है। जिसके तहत कंपनी क्षेत्रीय ऊर्जा आवश्यकताओं, बाजार की मांग और ग्राहकों की पसंद के आधार पर कई इलेक्ट्रिफाइड पावरट्रेन विकल्प पेश कर रही है। 
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टोयोटा के नए हाइब्रिड पावरट्रेन में क्या तकनीकी बदलाव किए गए हैं?

मौजूदा पारंपरिक दृष्टिकोण से अलग हटकर, जहां पुराने आईसीई (ICE) इंजनों को हाइब्रिड के लिए मॉडिफाई किया जाता था। वहीं, टोयोटा ने इस नए पावरट्रेन को एक एकीकृत सिस्टम के रूप में तैयार किया है:
  • नया 1.5-लीटर इंजन: कंपनी ने 1.5-लीटर फोर-सिलेंडर इंजनों को विशेष रूप से इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए डिजाइन किया है। जो पुराने मॉडल्स की तुलना में ज्यादा छोटे और कुशल हैं।
  • इंजन विकल्प: इसका नैचुरली एस्पिरेटेड (NA) वर्जन मौजूदा 1.8-लीटर 4-सिलेंडर और 1.5-लीटर थ्री-सिलेंडर इंजनों की जगह लेगा। वहीं, टर्बोचार्ज्ड वर्जन अधिक परफॉर्मेंस चाहने वाली गाड़ियों में दिया जाएगा।
  • कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक सेटअप: ये इंजन छोटे व हल्के इलेक्ट्रिक मोटर्स और पावर कंट्रोल यूनिट्स के साथ मिलकर काम करेंगे। कंपोनेंट्स के साइज को छोटा करने से ऊर्जा का नुकसान कम होगा और एफिशिएंसी बढ़ेगी।
 

माइलेज में 15% से अधिक सुधार कैसे हासिल करेगी कंपनी?

टोयोटा का दावा है कि नया हाइब्रिड सिस्टम पिछले मॉडल्स के मुकाबले 15 प्रतिशत से अधिक बेहतर माइलेज देगा। इस दक्षता को हासिल करने के लिए कंपनी ने कई पहलुओं पर काम किया है:
  • मैकेनिकल फ्रिक्शन में कमी: इंजन के आंतरिक घर्षण को काफी कम किया गया है।
  • थर्मल मैनेजमेंट और लोअर लॉस: इंजन के कूलिंग/थर्मल मैनेजमेंट में सुधार किया गया है और इलेक्ट्रिकल लॉसेस को घटाया गया है।
  • एयरोडायनामिक ड्रैग: कॉम्पैक्ट साइज होने के कारण कार के डिजाइन और एयरोडायनामिक ड्रैग (हवा के दबाव) को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। जिससे सीधे तौर पर माइलेज में बढ़ोतरी होगी।


टोयोटा का नया 'मल्टी-पाथवे प्लेटफॉर्म' क्या है और इसका क्या फायदा होगा?

टोयोटा का नया मल्टी-पाथवे आर्किटेक्चर एक ही कॉमन प्लेटफॉर्म पर बैटरी इलेक्ट्रिक (BEV), प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) और पारंपरिक हाइब्रिड (HEV) पावरट्रेन को सपोर्ट करने के लिए विकसित किया जा रहा है:
  • डिजाइन और स्पेस: पावरट्रेन का साइज छोटा होने के कारण कार डिजाइनरों को केबिन स्पेस और पैकेजिंग में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी।
  • मैन्युफैक्चरिंग फ्लेक्सिबिलिटी: इस प्लेटफॉर्म से कंपनी के प्रोडक्शन प्लांट्स को बाजार की बदलती मांग के अनुसार आसानी से इलेक्ट्रिक, प्लग-इन हाइब्रिड या हाइब्रिड कारों का उत्पादन घटाने या बढ़ाने की सुविधा मिलेगी।
टोयोटा कार्बन न्यूट्रैलिटी की दिशा में हाइब्रिड तकनीक को एक अहम जरिया मानती है। कंपनी अपने ईवी और फ्यूल-सेल पोर्टफोलियो का विस्तार करने के साथ-साथ आने वाले वर्षों में अपनी इस नई इंजन व हाइब्रिड तकनीक की बाहरी बिक्री बढ़ाने की योजना भी बना रही है।
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