जारी लॉकडाउन के बीच 20 अप्रैल से सरकार ने थोड़ी राहत दी है। इसमें सरकार ने परिचालन सुविधाओं को भी फिर से शुरू कर दिया है। हालांकि ऑटों कंपनियों ने अपने प्लांट को देरी से खोलने का फैसला किया है। दरअसल कंपनियों को संसाधन जुटाने में परेशानी आ रही है जिसके चलते यह फैसला लिया गया है। इनमें मारुति सुजुकी, ह्यूंदै, टोयोटा और होंडा जैसी कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। ऑटो कंपनियों का कहना है कि पूरे देश में लागू लॉकडाउन के चलते आवश्यक कच्चे माल को प्राप्त करना मुश्किल है। क्योंकि कई विक्रेता वायरस के चलते लागू हॉटस्पॉट जोन में भी फंसे हैं।
ऑटोमेकर्स ने कहा कि यदि फिर से लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाता है और डीलर शोरूम को बंद करने के लिए कहा जाता है, तो इस बात पर चिंता बनी रहती है कि कितनी इन्वेंट्री जमा होगी। बता दें कि वायरस के प्रकोप को कंट्रोल करने के लिए सरकार द्वारा देशभर में लागू लॉकडाउन को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है।
एक इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव ने कहा कि हमने सबकुछ ठीक करने के लिए स्थानीय निकायों से विक्रेताओं और मजदूरों को जोड़ने की कोशिश की। लेकिन ऐसा करने में परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके बाद हमने कुछ समय के लिए प्लांट को बंद रखने का फैसला किया है। वहीं जानकारी के मुताबिक देश की सबसे बड़ी कंपनी मारूति सुजुकी इंडिया हरियाणा में स्थित अपने दो संयंत्रों में निर्णाण शुरू करने से पहले काफी मंथन कर रही है।
मारुति सुजुकी इंडिया के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने कहा कि फैक्ट्री को फिर से शुरू करने के लिए संसाधनों की उपलब्धता प्रमुख आवश्यकताओं में से एक है। वहीं होंडा कार्स इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और डायरेक्टर (मार्केटिंग एंड सेल्स) राजेश गोयल ने कहा कि प्लांट को शुरू करने के लिए टीम सक्रिय रूप से लगी हुई है। लेकिन शुरू करने से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं और मानदंडों का पालन करना होगा।