Electric Scooter Battery Warranty: इलेक्ट्रिक स्कूटर की सबसे महंगी यूनिट उसकी बैटरी होती है। अगर उसकी बैटरी जल्दी खराब हो जाए, तो उसे बदलने का खर्च भी काफी आता है। यही वजह है कि कई खरीदार अभी भी पेट्रोल स्कूटर से इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर जाने में कतराते हैं। इसलिए अब कई कंपनियां पांच साल तक की बैटरी वारंटी देकर इसी चिंता को कम करने की कोशिश कर रही हैं।
1. हीरो विडा VX2
- हीरो मोटोकॉर्प का विडा VX2 कुछ चुनिंदा वेरिएंट्स में 5 साल की बैटरी वारंटी के साथ आता है। साथ ही कंपनी Battery-as-a-Service (BaaS) मॉडल भी देती है, जिसमें स्कूटर की शुरुआती कीमत करीब 44,990 रुपये रखी गई है और उपयोग के अनुसार 1.24 प्रति किलोमीटर का शुल्क लिया जाता है।
- बैटरी+ प्लान के जरिए 3 साल की वारंटी को बढ़ाकर 5 साल या 60,000 किमी तक किया जा सकता है। यह वारंटी स्कूटर बेचने पर नए मालिक को भी ट्रांसफर की जा सकती है।
2. एम्पीयर नेक्सस
- ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपने एम्पीयर नेक्सस, मैग्नस ग्रांड और जी मैक्स मॉडल्स पर 5 साल या 75,000 किमी की बैटरी वारंटी देता है।
- इन स्कूटर्स में LFP (Lithium Iron Phosphate) बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जो भारतीय मौसम में बेहतर प्रदर्शन और अधिक चार्ज साइकल देने के लिए जानी जाती है।
3.टीवीएस आईक्यूबे
- टीवीएस आईक्यूबे की सामान्य बैटरी वारंटी 3 साल या 50 हजार किमी है। हालांकि कंपनी के Battery-as-a-Service सब्सक्रिप्शन के साथ इसे बढ़ाकर 5 साल या 70,000 किमी तक किया जा सकता है।
- इसकी शुरुआती कीमत लगभग 1,242 प्रति माह है। इससे बैटरी की लागत एकमुश्त खर्च की बजाय मासिक भुगतान में बदल जाती है और रीसेल वैल्यू बेहतर रहने की संभावना रहती है।
4. बजाज चेतक C2501
- बजाज चेतक C2501 में बेस वारंटी 3 साल या 50,000 किमी मिलती है। एक्सटेंडेड वारंटी पैकेज खरीदने पर इसे 5 साल या 70,000 किमी तक बढ़ाया जा सकता है।
- हालांकि दुर्घटना, गलत चार्जिंग या अनधिकृत मॉडिफिकेशन से होने वाला नुकसान इस वारंटी में शामिल नहीं होगा।
5. Ola S1 Pro Gen 3 और S1 Air
- ओला इलेक्ट्रिक अपने S1 Pro Gen 3 और S1 Air पर 3 साल या 50,000 किमी की बेस वारंटी देता है।
- पेड एक्सटेंडेड प्लान लेने पर इसे 5 साल या 60,000 किमी तक बढ़ाया जा सकता है। अगर तय शर्तों के अनुसार बैटरी हेल्थ 70% से नीचे चली जाती है, तो बैटरी रिप्लेसमेंट की सुविधा भी मिलती है।
- हालांकि अलग-अलग मॉडल ईयर और डिलीवरी अवधि के अनुसार नियम बदल सकते हैं।
ऑटो इंडस्ट्री को क्या हो सकता है फायदा?
- पांच साल तक की बैटरी वारंटी देने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ने की संभावना है। इससे इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का फैसला आसान हो सकता है और ईवी अपनाने की रफ्तार तेज हो सकती है।
- लंबी वारंटी के चलते कंपनियों के बीच बेहतर आफ्टर-सेल्स सर्विस और बैटरी टेक्नोलॉजी पर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ सकती है।
- वहीं, बैटरी रिप्लेसमेंट के महंगे खर्च की चिंता कम होने से सेकेंड-हैंड EV बाजार और रीसेल वैल्यू को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। ऐसी पहलें भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।