: भारत में मिड साइज एसयूवी सेगमेंट की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में ग्राहकों का रुझान हैचबैक और सेडान से हटकर एसयूवी की ओर शिफ्ट हो रहा है। जिसका असर अब इसकी बिक्री आंकड़ों में साफ नजर आ रहा है। अगस्त 2025 से मई 2026 के बीच सामने आए आंकड़े बताते हैं कि इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा तेज हो चुकी है और कई मॉडल्स ने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है।
बिक्री के आंकड़ों में कौन सबसे आगे?
- आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच ह्यूंदै क्रेटा ने 1,51,963 यूनिट्स की बिक्री के साथ अपना जलवा बरकार रखा। इसके साथ ही मिड साइज एसयूवी में इस सेगमेंट की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी के रूप में बनकर उभरी।
- वहीं, मारुति सुजुकी की नई विक्टर्स ने बिक्री का एक जबरदस्त आंकड़ा हासिल कर बड़े-बड़े दिग्गजों को हैरान कर दिया है। लॉन्चिंग के महज 8 महीने से भी कम समय में इस एसयूवी ने 1 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है।
- अगस्त 2025 से मई 2026 के बीच इसकी कुल थोक बिक्री 1,00,165 यूनिट्स रही, जबकि सितंबर 2025 से मई 2026 के दौरान 1,00,144 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई।
जनवरी 2026 रहा सबसे मजबूत महीना
इस एसयूवी के लिए जनवरी 2026 सबसे बेहतरीन महीना साबित हुआ, जब इसकी 15,240 यूनिट्स की बिक्री हुई। लगातार मजबूत मांग की बदौलत यह मॉडल बिक्री के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंचने में सफल रही।
जानें मिड-साइज SUV सेगमेंट का पूरा हाल
सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच इस पॉपुलर सेगमेंट के सेल्स चार्ट पर नजर डालें, तो कंपनियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है।
- ह्यूंदै क्रेटा: लिस्ट में क्रेटा सबसे ज्यादा 1,51,963 यूनिट्स की बिक्री और 27.9% मार्केट शेयर के साथ्र सेगमेंट लीडर बनी हुई है।
- मारुति सुजुकी विक्टर्स : सिर्फ 8 महीने पुराने इस नई गाड़ी ने 1,00,144 यूनिट्स की बिक्री के साथ सीधे 18.4% मार्केट शेयर पर कब्जा कर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।
- टोयोटा हायराइडर: यह गाड़ी 80,078 यूनिट्स के साथ तीसरे पायदान पर है।
- किआ सेल्टोस : सेल्टोस 76,771 यूनिट्स की सेल के साथ चौथे नंबर पर रही।
- ग्रैंड विटारा: मारुति की ही ग्रैंड विटारा 72,762 यूनिट्स के साथ पांचवें स्थान पर रही।
मारुति सुजुकी ने विटारा को छोड़ा पीछे
इसमें कई दिलचस्प आंकड़ें भी सामने आए हैं। मारुति सुजुकी ने अपनी ही एसयूवी ग्रैंड विटारा को 27 हजार से अधिक यूनिट्स से पीछे छोड़ दिया है। विक्टर्स ने एक लाख बिक्री बहुत तेजी से हासिल किया है।
क्या है इसका कारण? इसकी सबसे बड़ी वजह मारुति की सेल्स चैनल स्ट्रैटजी को माना जा रहा है। जहां एक तरफ ग्रैंड विटारा कंपनी के प्रीमियम नेक्सा शोरूम्स के जरिए बिकती है, वहीं विक्टर्स को कंपनी के बड़े नेटवर्क वाले Arena आउटलेट्स के जरिए बेचा जाता है। इससे मारुति सुजुकी दो बिल्कुल अलग-अलग बायर प्रोफाइल (ग्राहकों के वर्ग) को एक साथ टारगेट करने में पूरी तरह सफल रही है।
क्रेटा से आगे मारुति का दबदबा
अगर हम सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच मारुति की ये दोनों विक्टर्स और ग्रैंड विटारा की संयुक्त बिक्री (Combined Sales) को देखें, तो यह आंकड़ा 1,72,906 यूनिट्स पर पहुंच जाता है, जो अकेले क्रेटा की 1,51,963 यूनिट्स की बिक्री से कहीं ज्यादा है।
क्याें लोगों को पसंद आ रही ये गाड़ी
मारुति विक्टर्स की धमाकेदार बिक्री के पीछे इसके तीन दमदार कारण माने जाते हैं....
- 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड पेट्रोल: रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए एक रिफाइंड और किफायती विकल्प।
- 1.5-लीटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड: यह वेरिएंट पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ 28.56 kmpl का शानदार ARAI माइलेज देता है, जो इस साइज की एसयूवी के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन जाता है।
- 1.5-लीटर सीएनजी: बजट फ्रेंडली ड्राइविंग चाहने वालों के लिए यह वेरिएंट 27.02 km/kg का माइलेज ऑफर करता है।
हाई-टेक फीचर्स और 5-स्टार सेफ्टी
विक्टर्स सिर्फ माइलेज के मामले में ही नहीं पसंद की जा रही है। बल्कि यह एडवांस फीचर्स और सुरक्षा के मामले में भी काफी आगे है...
- स्मार्ट बूट स्पेस डिजाइन: अक्सर सीएनजी कारों में सबसे बड़ी शिकायत बूट स्पेस (डिक्की की जगह) खत्म होने की होती है, लेकिन मारुति ने इसमें अंडरबॉडी माउंटेड CNG Tank दिया है, जो कार के नीचे फिट होता है। इससे कार का बूट स्पेस पूरी तरह सुरक्षित रहता है और जगह की कोई कमी नहीं होती।
- सुरक्षा और तकनीक: आधुनिक ड्राइविंग को आसान बनाने के लिए इसमें लेवल-2 ADAS ( एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम) तकनीक दी गई है।
- 5-स्टार: साथ ही, सुरक्षा के कड़े इम्तिहान में इस कार ने 5-स्टार भारत NCAP (B-NCAP) सेफ्टी रेटिंग हासिल की है, जो इसे भारतीय परिवारों के लिए सबसे सुरक्षित मिड-साइज एसयूवी में से एक बनाती है।