उत्तराखंड के नैनीताल में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां ठंड से बचने के लिए कार के अंदर अंगीठी जलाकर सो रहे टैक्सी ड्राइवर की दम घुटने से मौत हो गई। दरअसल, बंद कार में अंगीठी जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है, जो बेहद जहरीली होती है।
देखिए जब कार जैसी बंद जगह में अंगीठी जैसी चीजें जलाने पर वहां ऑक्सीजन की मात्रा तेजी से कम होने लगती है, क्योंकि अधजले कोयले से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस निकलती है, जो रंगहीन, गंधहीन और बेहद जहरीली होती है। सोते समय व्यक्ति को इसका एहसास नहीं होता और वह लगातार जहरीली गैस सांस के जरिए शरीर में लेता रहता है। इससे दिमाग और शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचना बंद हो जाता है, व्यक्ति बेहोश हो जाता है और कुछ ही समय में उसकी मौत हो सकती है।
कार या बंद जगह में अंगीठी न जलाएं
ठंड से बचने के लिए कभी भी कार, टेंट या किसी छोटे बंद कमरे में कोयला या लकड़ी न जलाएं।
वेंटिलेशन रखें जरूरी
अगर मजबूरी में कार में हीटर का इस्तेमाल करना पड़े, तो खिड़कियां थोड़ी खुली रखें। जिससे ताजी हवा आती रहे।
गर्म कपड़ों का करें इस्तेमाल
थर्मल वियर, जैकेट, दस्ताने और कंबल ठंड से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका हैं।
इंजन चालू कर सोने से बचें
कार का इंजन ऑन करके लंबे समय तक न सोएं, खासकर बंद जगहों पर।