BS4 गाड़ियों को बेचने की मियाद 31 मार्च 2020 तक तय की गई थी। तभी से कंपनियां अपनी गाड़ियों को बीएस6 में अपग्रेड करने में लगी हैं। हालांकि इसी बीच देशभर में 21 दिनों के लॉकडाउन के चलते कंपनियां BS4 इंजन वाली गाड़ियों को बेच नहीं सकी हैं। जबकि कंपनियों ने बचे स्टॉक को बेचने के लिए आकर्षक ऑफर भी दिए। बता दें कि पेट्रोल इंजन के मुकाबले डीजल इंजन को BS6 में अपग्रेड करना महंगा पड़ता है। क्योंकि डीजल इंजन को अपग्रेड करने में ज्यादा बदलाव की जरूरत होती है। साथ ही उसकी लागत भी ज्यादा आती है। इसके चलते कंपनियों को अपने पॉपुलर डीजल इंजन को बंद करने के लिए मजूबर होना पड़ा। जानते हैं कभी देश की सड़कों की शान रहे उन पांच डीजल इंजन के बारे में...
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fiat 1.3 multijet engine
- फोटो : Social Media
Fiat 1.3-litre Multijet
फिएट के 1.3 लीटर मल्टीजेट इस इंजन को फिएट, टाटा, Chevrolet और मारुति सुजुकी सहित एक दर्जन कारों ने लगाया गया था। कभी यह इंजन देश की सड़कों की शान था। कह सकते हैं कि भारत में छोटी कारों में डीजल इंजन की शुरुआत का क्रेडिट इसी को जाता है। इस इंजन को बनाया तो फिएट ने था, लेकिन जमकर इस्तेमाल मारुति ने किया। मारुति डिजयार, स्विफ्ट, अर्टिगा और विटारा ब्रेजा में यही इंजन इस्तेमाल किया गया था। यह इंजन 75PS/190Nm और 90PS/200Nm में उपलब्ध था। आठ साल पुराने इस इंजन को अपग्रेड करने से जब फिएट ने हाथ खड़े कर दिए तो बाकी कंपनियों को भी मजबूरन इन-हाउस इंजन डेवलप करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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Volkswagen Polo And Vento 2019
- फोटो : AmarUjala
Volkswagen 1.5-litre TDi
फॉक्सवैगन कंपनी डीजल इंजन बनाने की मास्टर है। इस कंपनी ने 2010 की वेंटो 1.6 लीटर टीडीआई मोटर में यह साबित भी कर दिया। यह इंजन 105PS की पावर और 250Nm का टॉ़र्कक देता था। कंपनी ने 2014 में कंपनी ने बड़ी मोटर के साथ 1.5 लीटर के साथ अपग्रेड किया। कंपनी ने इसे दो वर्जन में उतारा। पोलो कार में यह इंजन 89PS की पावर, जबकि GT TDI, Vento और Rapid में यह इंजन 110PS की पावर देता था। इस इंजन को बड़ा झटका तब लगा जब 2015 में फॉक्सवैगन डीजलगेट घोटाले का हिस्सा बनी। मजूबरन कंपनी को इस इंजन वाली कारें रीकॉल करनी पड़ीं, जिससे ग्राहक थोड़ा मायूस तो हुए। लेकिन खास बात यह रही कि इस इंजन ने लाख किमी के बाद भी लोगों को कोई परेशानी नहीं दी।
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Maruti Suzuki 1.5-litre DDIS
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Maruti Suzuki 1.5-litre DDIS
मारुति कंपनी का डीजल गाड़ियों के साथ शानदार सफर रहा है। हालांकि कंपनी की 750सीसी दो सिलिंडर सेलेरियो डीजल इंजन ने काफी निराश किया। बाद में कंपनी ने इसके इंजन में काफी बदलाव भी किये, लेकिन अब कंपनी ने इसे बीएस6 वर्जन में अपडेट करने के बाद इस इंजन से हाथ पीछे खींच लिए। वजह, ऐसा करने में लागत भी ज्यादा आ रही थी। वहीं मारुति ने 1.3 लीटर DDIS200 मोटर के बदले बीएस4 मानक वाला 1.5 लीटर DDIS इंजन बनाया, जो 95 पीएस की पावर और 225 एनएम का टॉ़र्क देता था। वहीं मारुति ने आशंका जताई है कि बीएस6 इंजन के चलते अब बाजार में डीजल कारों की बिक्री में कमी आएगी। इसलिए कंपनी ने कुछ कारों के डीजल इंजन को अपग्रेड करने का फैसला नहीं लिया है। कंपनी का कहना है कि अगर मई 2020 तक बाजार में डीजल वाहनों की मांग मौजूद है तो मारुति अपने बीएस6 मॉडल में इस इंजन को फिर से शुरू कर सकती है।
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Auto Expo Kia Seltos X-line
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Hyundai 1.4-लीटर और 1.6-लीटर CRDi
बेहतरीन परफॉरमेंस के चलते ह्यूंदै ने अपनी कारों इस इंजन को शामिल किया था। ह्यूंदै ने 1.4 लीटर इंजन डेपलप किया जो 90पीएस की पावर और 224एनएम का टार्क देता था। जबकि 1.6-लीटर CRDi इंजन 128 पीएस की पावर और 260 एनएम का टार्क देता था। लेकिन बीएस6 की नजर इन दोनों इंजन को भी लग गई। कंपनी ने इन्हें बीएस6 में अपग्रेड करने से इंकार कर दिया। बाद में कंपनी ने इन दोनों इंजन की जगह 1.5 लीटर CRDi बीएस6 यूनिट को लॉन्च किया जिसे सेल्टोस में भी दिया गया। यह इंजन 115 पीएस की पावर और 250 एनएम का टॉर्क देता है। इस इंजन को एलीट आई20 में भी दिया जा सकता है।
रेनो का 1.5 लीटर K9K इंजन तीन वैरिएंट 64पीएस/160एनएम, 85पीएस/200एनएम, 110पीएस/245एनएम में आता था। रेनो का यह इंजन निसान ग्रुप कई कारों में लगाया गया था। हालांकि इनमें से कोई भी इंजन लोगों को फन टू ड्राइव अनुभव देने में नाकामयाब साबित हुआ। हालांकि निसान यूरो6 कंप्लायट वाला बीएस6 इंजन भारत ला रही है, जिसमें एडब्यू टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।