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जनाब, कारें भी होती हैं बदनसीब! तरस गईं ये गाड़ियां ग्राहकों का दुलार पाने के लिए

Wed, 22 Apr 2020 02:47 PM IST
अवधेश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Worst Cars - फोटो : Social Media
देश के ऑटो सेक्टर में सबसे बड़ा बदलाव 1983 में आया जब देश की पहली छोटी कार मारुति 800 सड़कों पर उतरी। उसके बाद कई गाड़ियां लॉन्च हुईं और वक्त के साथ बंद हो गईं। इनमें कुछ गाड़ियों को ग्राहकों ने नकार दिया, तो कुछ समय के साथ कदमताल न कर सकीं। आज हम आपको उन 'बदनसीब' कारों के बारे में बताने जा रही हैं, जो लॉन्च तो हुईं बेहद शोरशराबे के साथ, लेकिन ग्राहकों का दुलार न पा सकीं...
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Mahindra Quanto

Mahindra Quanto

Mahindra Quanto (Xylo) एक असफल प्रोडक्ट था। हालांकि महिंद्रा की क्वांटों में एक बड़ा इंजन था, लेकिन अच्छा नहीं था। कार को लुक के मामले में भी लोगों ने नकार दिया। महिंद्रा कंपनी ने इसे स्टाइलिश के लिए कुछ अपडेट भी किए लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। आज इस कार की गिनती असफल कारों में होती है।    
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DC Avanti - फोटो : carwale.com

DC Avanti 

प्रसिद्ध कार डिजाइनर दिलीप छाबड़िया भारत के लिए एक शानदार कार बनाना चाहते थे। लेकिन कार का लुक लोगों को बिल्कुल भी नहीं लुभा सका। इसका वजन 1600 किलोग्राम था। ग्राहकों को लगा कि कार का निर्माण ही बिना सोचे समझे कर दिया। इंटीरियर डिजाइन भी बेहद खराब था। गाड़ी में एयरबैग तक नहीं लगा था।

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Premier Rio - फोटो : Social Media

Premier Rio

यह कार कंपनी को बर्बाद करने के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदार थी। कंपनी ने सोचा कि वो सस्ती कार को लॉन्च कर ग्राहकों को लुभा लेगी। हालांकि ग्राहकों ने इस कार को बिल्कुल भी भाव नहीं दिया। कार पूरी तरह से पीवीसी की बनी हुई थी, कार को देखने में लगता था कि इसे बनाने कोई मेहनत नहीं की गई है। कार का इंटीरियर भी बेहद निराशाजनक था। जिस तरह उस कार का शोर मचा उस तरह से यह धमाल नहीं मचा सकी। प्रीमियर की रियो में 1.3 लीटर मल्टीजेट इंजन था।  
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Datsun Go and Go Plus - फोटो : Amar Ujala

Datsun Go / Go+

Datsun Go/Go+ कार को कंपनी ने बहुत ही उत्साह के साथ बाजार में उतारा था। कंपनी को उम्मीद थी कि कार सस्ती होने के कारण ग्राहक इस पर टूट पड़ेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कार बाजार में बुरी तरह धड़ाम हो गई। हालांकि रेनॉल्ट ने इसे ट्राइबर के साथ ठीक कर दिया है। इस कार की गिनती आज भी असफल कारों में ही होती है।    
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Ashok Leyland Stile - फोटो : Social Media

Ashok Leyland Stile

एक ट्रक निर्माता ने शॉर्टकट के साथ कार सेगमेंट में प्रवेश करने की कोशिश की थी। लेकिन वह बुरी तरह फ्लॉप हो गया। इस कार का डिजाइन ही ग्राहकों को पसंद नहीं आया। 2013 में लॉन्च की गई एमपीवी कार 7 और 8-सीटर के साथ उतारी गई थी। कार का डिजाइन भी अच्छा था, और इनोवा के मुकाबले की गाड़ी थी। लेकिन हर कोई टाटा मोटर्स नहीं बन सकता। एक बनी हुई इमेज को तोड़ना बेहद मुश्किल होता है।  
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Isuzu MU-7 - फोटो : Social Media

Isuzu MU-7

Isuzu कंपनी ने एक डी-मैक्स पिकअप ट्रक लॉन्च किया जिसे ग्राहकों ने खूब पसंद किया। इस पिकअप ट्रक की मांग इतनी बढ़ी की यह रातोंरात भारत में बिक्री के मामले में सबसे अच्छा पिकअप ट्रक बन गया। अफसोस की बात यह है कि इसके बाद Isuzu एक पुरानी एमयू-7 एसयूवी को बाजार में लाया जो कि पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर MU-X द्वारा रिप्लेस की जा रही थी। उसमें 1980 के दशक का इंटीरियर था। इसका कोई ब्रांड वैल्यू और डीलर नेटवर्क भी नहीं था। वहीं Isuzu ने पहले की गलतियों से सबक नहीं लिया और 2017 में एमयू -एक्स को बिना किसी अपडेट के लॉन्च कर दिया। इसका गियरबॉक्स बहुत धीमा था। खैर कंपनी की दोनों एएसयूवी बाजार में बुरी तरह से धड़ाम हो गईं। 

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Mahindra verito vibe

Mahindra Verito Vibe

महिंद्रा वेरिटो वाइब को लॉन्च करके कंपनी ने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारी। इसकी लॉन्चिंग ने कंपनी को एक हंसी का पात्र बना दिया था। इसका डिजाइन बहुत पुराना था। इसका इंटीरियर बहुत ही घटिया था। 50 फीसदी लोगों को लगता था कि यह एक घटिया लुक वाली हैचबैक है। जबकि अन्य 50 फीसदी लोगों को लगता था कि यह एक सेडान है। 

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Force One - फोटो : Social Media

Force One

फोर्स मोटर्स एसयूवी के क्रेज को भुनाना चाहती थी, लेकिन उसके पास उसे डेवलेप करने के लिए संसाधन नहीं थे। फोर्स वन को ड्राइव करने पर अपने आप पता चल जाएगा कि यह कितनी असुविधाजनक कार थी। खुद अमिताभ बच्चन भी इस ब्रांड को नहीं बचा सके। वह इसके ब्रांड के एंबेडडर थे। वहींम इस कंपनी की गुरखा को खासा पसंद किया जाता है। खास बात यह थी कि फोर्स वन के इंजन को मर्सिडीज के साथ मिल कर डेवलेप किया गया था।     

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Chevrolet Sail / U-VA - फोटो : Social Media

Chevrolet Sail / U-VA

आपको विश्वास नहीं होगा लेकिन एमजी हेक्टर को यहां लाने वाला समूह जनरल मोटर्स दोनों के पीछे एक ही है। आप कह सकते हैं कि उन्होंने इससे सबक सीखा है क्योंकि Sail / U-VA बहुत ही उबाऊ प्रोडक्ट थे। इनका इंटीरियर बेहद खराब था। कंपनी ने लॉन्च करने से पहले बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। यह दोनों बाजार में बुरी तरह फ्लॉप हो गईं।  
 
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Renault Koleos - फोटो : Social Media

Renault Koleos

यह Renault की बड़ी जबरदस्त कार थी, जो वक्त से पहले लॉन्च की गई। इसे 2011 में 23 लाख रुपये की कीमत के साथ लॉन्च किया गया था। यह फॉर्च्यूनर और एंडेवर की तुलना में अधिक महंगी थी। कीमत के हिसाब से बीएमडब्ल्यू एक्स 1 इससे बहुत दूर नहीं था। इसमें ऑटोमेटिक गियरबॉक्स, सीमित रियर सीट स्पेस, अलग स्टाइल भी भारतीय सड़कों पर छाप नहीं छोड़ पाया।
 
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