टेस्ला ने भारत में अपनी लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कार Model Y का नया लॉन्ग-व्हीलबेस 6-सीटर वर्जन लॉन्च कर दिया है। इस नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसके अंदर मिलने वाला ज्यादा स्पेस है, जो इसे पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक बनाता है। आइए जानते हैं इसकी कीमत, बैटरी रेंज और फीचर्स के बारे में सब कुछ।
कीमत की बात करें तो नई Tesla Model Y (6-सीटर) भारत में 61.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) में मिलेगी। अगर आप इसकी तुलना सबसे सस्ते बेस मॉडल (59.89 लाख रुपये) से करेंगे तो यह उससे करीब 2.10 लाख रुपये महंगी है। लेकिन, अगर आप इसके सबसे महंगे टॉप मॉडल (67.89 लाख रुपये) को देखें तो उसकी तुलना में यह नया मॉडल आपको काफी कम दाम में ज्यादा स्पेस और बेहतर फीचर्स दे देता है। ऐसे में यह उन लोगों के लिए एक वैल्यू-फॉर-मनी विकल्प है जिन्हें बड़ी फैमिली के लिए कार चाहिए।
कार के इंटीरियर और फीचर्स की बात करें तो नई Model Y में अब 6 लोगों के बैठने के लिए 2+2+2 का सीटिंग लेआउट दिया गया है, जो सफर के मजे को दोगुना कर देता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत बीच वाली लाइन में मिलने वाली आरामदायक 'कैप्टन सीट्स' हैं। लग्जरी को ध्यान में रखते हुए इन सीटों में हीटिंग फंक्शन, एडजस्टेबल आर्मरेस्ट और बटन के जरिए मोड़ने के लिए पावर-फोल्डिंग जैसे प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं।
परफॉरमेंस और रेंज के मामले में भी यह इलेक्ट्रिक कार काफी दमदार है। इसमें डुअल-मोटर ऑल-व्हील-ड्राइव (AWD) सेटअप दिया गया है, जो इसे जबरदस्त पावर देता है। रफ्तार का आलम यह है कि यह कार महज 5 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ लेती है। वहीं इसकी टॉप स्पीड 201 किमी/घंटा तक जाती है।
रेंज को लेकर कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज होने पर यह 681 किलोमीटर (WLTP) तक का सफर तय कर सकती है। हालांकि टेस्ला ने अभी इसके बैटरी पैक के सटीक साइज की जानकारी साझा नहीं की है। एक और काम का फीचर इसका V2L (व्हीकल-टू-लोड) सपोर्ट है। इसकी मदद से आप कार की बैटरी का इस्तेमाल लैपटॉप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस को पावर देने के लिए भी कर सकते हैं।
अगर आकार की बात करें तो नया लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन स्टैंडर्ड Model Y के मुकाबले काफी विशाल और बड़ा नजर आता है। यह पुरानी Model Y से 186 mm ज्यादा लंबी और 44 mm ज्यादा ऊंची है। सबसे बड़ा बदलाव इसके व्हीलबेस में दिखता है, जो अब 150 mm बढ़ गया है। इसका सीधा फायदा कार के अंदर मिलता है जहां पैसेंजर्स को पहले से कहीं ज्यादा लेगरूम और खाली जगह महसूस होती है।
सामान रखने के लिए इसमें पीछे की तरफ बड़ा बूट स्पेस तो है ही, साथ ही आगे बोनट में भी 'Frunk' (फ्रंट ट्रंक) दिया गया है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि इसका ग्राउंड क्लीयरेंस थोड़ा कम हुआ है। इसे भारतीय सड़कों और ऊंचे स्पीड-ब्रेकर्स के लिहाज से एक जरूरी पहलू माना जा सकता है।
भारतीय बाजार में इस प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार का सीधा मुकाबला 70 लाख से 1.4 करोड़ रुपये की रेंज में आने वाली गाड़ियों से होगा। इनमें मर्सिडीज-बेंज EQS, मर्सिडीज EQB और MG M9 जैसी गाड़ियां शामिल हैं।