जांच में क्या सामने आया है?
NHTSA के अनुसार, अब तक 9 दुर्घटनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है, जिनमें टेस्ला की गाड़ियां FSD मोड पर थीं।
इन मामलों में पाया गया कि:
यह जांच अब "इंजीनियरिंग विश्लेषण" चरण में पहुंच गई है, जो आमतौर पर बड़े फैसलों जैसे रिकॉल से पहले होता है।
कितनी गाड़ियां जांच के दायरे में हैं?
यह जांच अमेरिका में मौजूद लगभग 32 लाख (3.2 मिलियन) टेस्ला वाहनों को कवर कर सकती है।
क्या Tesla के सिस्टम में तकनीकी कमजोरी है?
NHTSA की सबसे बड़ी चिंता टेस्ला के सिस्टम की सीमाओं को लेकर है।
कम विजिबिलिटी में कैमरे की सीमाएं सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही हैं।
Tesla ने इस पर क्या कहा है?
टेस्ला का कहना है कि जांच में शामिल 9 में से 3 दुर्घटनाएं नए सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ नहीं होतीं।
कंपनी लगातार अपने FSD सिस्टम को OTA (ओवर द एयर) अपडेट्स के जरिए सुधारने का दावा करती है।
क्या यह जांच Tesla के भविष्य की योजना को प्रभावित करेगी?
यह जांच ऐसे समय में हो रही है जब टेस्ला अपने कारोबार का अहम ध्यान ऑटोनॉमस ड्राइविंग पर रख रही है।
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने:
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इस साल कई शहरों में रोबोटैक्सी सेवा शुरू करने की योजना बताई है
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साइबरकैब नाम की कार लॉन्च करने की तैयारी की है, जिसमें स्टीयरिंग और पैडल नहीं होंगे
लेकिन बढ़ती जांच और सुरक्षा चिंताएं इन योजनाओं पर असर डाल सकती हैं।
Tesla Robotaxi Cybercab
- फोटो : Tesla
क्या FSD नाम को लेकर भी विवाद है?
टेस्ला के सिस्टम के नाम को लेकर भी काफी बहस हुई है।
फिर भी, यह पूरी तरह ऑटोनॉमस नहीं है और ड्राइवर को हमेशा सतर्क रहना जरूरी होता है।
क्या Tesla पर और भी जांच चल रही है?
हां, टेस्ला इस समय कई जांचों का सामना कर रही है:
इन सभी मामलों ने कंपनी पर दबाव बढ़ा दिया है।
जांच के नतीजे होंगे निर्णायक!
टेस्ला का FSD सिस्टम एक एडवांस ड्राइवर-असिस्ट टेक्नोलॉजी है। लेकिन हाल की घटनाओं ने इसकी सीमाओं को उजागर किया है।
जांच के नतीजों के आधार पर भविष्य में बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। जो न सिर्फ टेस्ला बल्कि पूरे ऑटोनॉमस ड्राइविंग इंडस्ट्री को प्रभावित कर सकते हैं।