आजकल मेट्रो शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या से हर व्यक्ति को दो-चार होना पड़ रहा है। चाहे आपको ऑफिस जाना हो या किसी जरूरी काम से बाहर जाना हो, सड़क पर गाड़ियों के अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण 10-15 मिनट का सफर घंटों में बदल जाता है। अब इस समस्या से परेशान होकर लोग अपनी आपबीती साझा करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं।
हाल ही में शाओमी इंडिया के पूर्व प्रेसिडेंट मुरलीकृष्णन बी ने बंगलूरू के ट्रैफिक की स्थिती को एक्स पोस्ट के जरिए साझा किया। उन्होंने शहर के आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक जाम पर तंज कसते हुए इसे 'ORRmageddon' कहा। उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
‘गाड़ी से बेहतर है पैदल ही चल लें’
बंगलूरू का ट्रैफिक जाम आए दिन सुर्खियों में रहता है। केवल आम लोग ही नहीं बल्कि कई बड़ी कंपनियों के मालिक और सीईओ भी शहर की लचर ट्रैफिक व्यवस्था से परेशान होकर अपना दुखड़ा सोशल पर सुनाते हैं। इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस के रिसर्च स्कॉलर और शाओमी इंडिया के पूर्व प्रेसिडेंट मुरलीकृष्णन बी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर बेंगलुरु के आउटर रिंग रोड (ORR) की हालत पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने ORR के भीषण ट्रैफिक जाम को 'ORRmageddon' नाम दिया है।
मुरलीकृष्णन ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्हें सड़क से महज 6 किलोमीटर की दूरी तय करने में 1 घंटे लगते हैं, जबकि वह केवल 45 मिनट में 10 किलोमीटर दौड़कर तय कर लेते हैं।
तबाही जैसी है ट्रैफिक
यह पोस्ट बेंगलुरु की आउटर रिंग रोड पर मौजूद ट्रैफिक की दुर्दशा को दर्शाता है, खासकर उस हिस्से में जो माराथल्ली, बेलंदूर और सरजापुर के टेक हब्स को जोड़ता है। ORRmageddon शब्द ने इस नाराजगी को एक नई पहचान दी है। यह 'ORR' और 'Armageddon' (कयामत) को मिलाकर बना है और यह दर्शाता है कि यहां की ट्रैफिक स्थिति किसी आपदा से कम नहीं है।
बेंगलुरु के लाखों आईटी कर्मचारी और स्थानीय लोग हर रोज आउटर रिंग रोड पर घंटों ट्रैफिक में फंसे रहते हैं। इस क्षेत्र में स्थित बड़े-बड़े टेक पार्क और ऑफिस कॉम्प्लेक्स के कारण ट्रैफिक हर दिन विकराल रूप ले लेता है, खासकर पीक ऑवर्स, बारिश या छोटी-मोटी गड़बड़ियों के दौरान।
इस पोस्ट के बाद नागरिकों की नाराजगी और तेज हो गई है और अब सरकार से स्थायी समाधान की मांग उठ रही है। अभी तक फ्लाईओवर और सिग्नल-फ्री कॉरिडोर जैसे आधे-अधूरे उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन लोग मूल समस्या को हल करने वाले दीर्घकालिक समाधान चाहते हैं।