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Tata Sierra vs Kia Seltos: माइलेज में कौन आगे, पावर में किसका दबदबा? खरीदने से पहले जान लें दोनों के बीच अंतर

Wed, 10 Jun 2026 10:38 AM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Best mid size SUV engine options: अगर आप नई मिड-साइज SUV खरीदने की सोच रहे हैं, लेकिन यह तय नहीं कर पा रहे कि कौन-सा मॉडल आपके लिए बेहतर रहेगा, तो परेशानी की कोई बात नहीं  है। यहां जानिए दो ऐसी गाड़ियों के बारे में, जिनमें पेट्रोल, टर्बो-पेट्रोल और डीजल इंजन के कई विकल्प मिलते हैं। आइए जानते हैं कि ये दोनों SUVs कौन-सी हैं और माइलेज, पावर व फीचर्स के आधार पर आपके लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
 
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टाटा सिएरा बनाम किआ सेल्टोस - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Tata Sierra vs Kia Seltos mileage comparison: आजकल बाजार में एसयूवी के तमाम विकल्प उपलब्ध हैं। ऐसे में आपके जरूरत के हिसाब से कौन-सी बेहतर होगी, इस सवाल में काफी लोग कन्फ्यूज रहते हैं। लेकिन जब हम एक परफेक्ट मिड-साइज एसयूवी की बात करते हैं, तो इंजन और गियरबॉक्स के ज्यादा ऑप्शंस देने में टाटा सिएरा और किया सेल्टोस का नाम सबसे पहले आता है। 
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यह दोनों ही गाड़ियों में ग्राहकों को नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल, डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बो-पेट्रोल और डीजल इंजन के साथ-साथ मैनुअल से लेकर DCT और टॉर्क कन्वर्टर तक के ढेरों गियरबॉक्स ऑप्शंस मिलते हैं, लेकिन जब बात सड़क पर परफॉर्मेंस और जेब बचाने वाले माइलेज की आती है, तो बाजी कौन मारता है? किस इंजन वेरिएंट में सिएरा बाजी मारती है और कहां सेल्टोस आगे निकल जाती है? आइए जानते हैं इस तुलनात्मक लेख में...

इंजन और ट्रांसमिशन की में कौन आगे?
टाटा सिएरा और किया सेल्टोस देश की उन चुनिंदा मिड-साइज एसयूवी में आती हैं, जिनमें खरीददारों को इंजन और ट्रांसमिशन की सबसे बड़ी रेंज मिलती है। दोनों की ब्रांड्स ने हर तरह के चालकों का ख्याल रखते हुए अपना डिजाइन तैयार किया है।
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इन दोनों ही गाड़ियों में ग्राहकों को इंजन के तीन विकल्प मिलते हैं। 
  1.  1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल
  2.  1.5-लीटर डायरेक्ट इंजेक्शन टर्बो-पेट्रोल
  3.  1.5-लीटर डीजल इंजन।
गियरबॉक्स के मामले में भी दोनों गाड़ियां किसी से कम नहीं हैं। दोनों में ही मैनुअल, CVT, DCT, iMT और टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक जैसे आधुनिक और अलग-अलग ड्राइविंग स्टाइल वाले गियरबॉक्स के बेहतरीन विकल्प दिए गए हैं।

टाटा सिएरा - फोटो : tatamotors
पेट्रोल इंजन और माइलेज में किसने मारी बाजी?
अगर आप  एक साधारण पेट्रोल इंजन और बेहतरीन माइलेज वाली गाड़ी की तलाश में हैं, तो इन दोनों में, टाटा सिएरा आगे है। 
  • टेक्नोलॉजी का फायदा: नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के मामले में टाटा सिएरा का माइलेज किया सेल्टोस से कहीं ज्यादा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि सिएरा का इंजन एटकिंसन साइकिल तकनीक  पर काम करता है, जो ईंधन की खपत को बहुत कम और माइलेज को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • मैनुअल गियरबॉक्स: मैनुअल गियरबॉक्स के साथ टाटा सिएरा अपने प्रतिद्वंद्वी किया सेल्टोस से 0.9 किमी प्रति लीटर आगे है।
  • ऑटोमैटिक गियरबॉक्स: सिएरा का DCT वेरिएंट, किया सेल्टोस के पेट्रोल-CVT वेरिएंट के मुकाबले 0.4 किमी प्रति लीटर ज्यादा का माइलेज निकाल कर देता है।

माइलेज की रेस में किसकी जीत?
लंबी दूरी तय करने वाले चालकों के लिए डीजल हमेशा से उनकी प्राथमिकता रही है। यहां भी टाटा ने अपना दबदबा कायम रखा, लेकिन माइलेज के मामले में किया सेल्टोस, टाटा सिएरा से पीछे रह गई।
  • मैनुअल वेरिएंट में अंतर: डीजल मैनुअल ट्रांसमिशन के मामले में सिएरा और सेल्टोस के बीच 1.86 किमी प्रति लीटर का बड़ा अंतर देखने को मिलता है। (सिएरा आगे है)।
  • ऑटोमैटिक वेरिएंट में अंतर: वहीं डीजल ऑटोमैटिक वेरिएंट में भी सिएरा बाजी मारती है और दोनों के बीच 1.48 किमी प्रति लीटर का अंतर आता है।
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किआ सेल्टोस - फोटो : kia.com
रफ्तार में कौन तेज?
जैसे ही बात हाई-परफॉर्मेंस और रफ्तार के पसंदीदा लोगों की आती है, तो किया सेल्टोस शानदार वापसी करती है।
  • टर्बो-DCT का दम: टर्बो-पेट्रोल ऑटोमैटिक के मामले में किया सेल्टोस काफी आगे है। सेल्टोस टर्बो-DCT का कंपनी की ओर से दावा किया गया, माइलेज टाटा सिएरा टर्बो-पेट्रोल के मुकाबले 2.2 किमी प्रति लीटर ज्यादा है।
  • iMT गियरबॉक्स का विकल्प: इसके अतिरिक्त, किया सेल्टोस अपने टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ एक क्लचलेस मैनुअल यानी आईएमटी (इंटेलिजेंट मैनुअल ट्रांसमिशन) गियरबॉक्स का विकल्प भी देती है, जो परफॉर्मेंस के साथ 15.6 किमी प्रति लीटर का बेहतरीन माइलेज देने में सक्षम है।

फोटो के माध्यम से समझें पावर और टॉर्क का गणित



किसे चुनना रहेगा बेहतर?
  • अगर आप ज्यादा माइलेज और मजबूत डीजल परफॉर्मेंस को प्राथमिकता देते हैं, तो टाटा सिएरा आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। वहीं जो ग्राहक टर्बो-पेट्रोल ऑटोमैटिक, बेहतर टॉर्क और ज्यादा पावरफुल पेट्रोल इंजन चाहते हैं, उनके लिए किया सेल्टोस आकर्षक विकल्प बनती है।
  • कुल मिलाकर टाटा सिएरा फ्यूल एफिशिएंसी में बढ़त बनाती है, जबकि किया सेल्टोस परफॉर्मेंस और टर्बो-पेट्रोल ड्राइविंग अनुभव के मामले में मजबूत चुनौती पेश करती है।

 
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