तमिलनाडु ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के लिए देश का बड़ा निवेश केद्र बनता जा रहा है। राज्य के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा के अनुसार, 2021 से अब तक तमिलनाडु ने 12.16 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है। इसमें करीब 80 प्रतिशत एमओयू अलग-अलग चरणों में लागू हो रहे हैं। इससे ऑटो मैन्युफैक्चरिंग और ईवी इकोसिस्टम को बड़ी मजबूती मिल रही है।
राज्य सरकार के मुताबिक बीते वर्षों में ऑटोमोबाइल, ईवी, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स को प्राथमिक सेक्टर बनाया है। 2021 के बाद से सरकार ने 1,176 से ज्यादा निवेश एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) साइन किए हैं, जिनसे 36.4 लाख से अधिक रोजगार पैदा होने की संभावना है। इसमें ऑटो और ईवी सेक्टर का बड़ा योगदान भी होने वाला है।
EV और ग्रीन मोबिलिटी पर सरकार का जोर
टीआरबी राजा का मानना है कि तमिलनाडु ने ईवी, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन मोबिलिटी को भविष्य की इंडस्ट्री है। इसके लिए नीतिगत सपोर्ट भी दिया गया है। साथ ही बैटरी पैक, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं।
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राज्य में SIPCOT (सिपकोट) तमिलनाडु राज्य उद्योग संवर्धन निगम) इंडस्ट्रियल पार्क्स का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इससे ऑटो ओईएम, टियर-1 और टियर-2 सप्लायर्स को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है। इससे चेन्नई, होसूर और कोयंबटूर जैसे ऑटो हब्स में निवेश और रोजगार दोनों बढ़े हैं। सरकार के मुताबिक, ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2024, अंतरराष्ट्रीय रोड शो और क्षेत्रीय निवेश कॉन्क्लेव के जरिए कई बड़ी ऑटो और ईवी कंपनियों ने तमिलनाडु में निवेश का भरोसा जताया है। ये राज्य को भारत के ऑटो और ईवी मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत करता है।
इसका सीधा फायदा किसको मिलेगा?
ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लगातार हो रहा निवेश तमिलनाडु को ईवी ट्रांजिशन, बैटरी लोकलाइजेशन और ग्रीन मोबिलिटी में लीडिंग स्टेट बना सकता है, जिसका सीधा फायदा वाहन निर्माताओं और ग्राहकों दोनों को मिलेगा।