फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EV: तमिलनाडु में ईवी को कैसे मिले रफ्तार? उद्योग ने सरकार से रोड टैक्स छूट बढ़ाने की मांग की

Fri, 07 Nov 2025 02:56 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तमिलनाडु में ईवी मैन्युफैक्चरिंग और निवेश लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में रोड टैक्स छूट को जारी रखना राज्य के 'ग्रीन मोबिलिटी मिशन' को और मजबूती दे सकता है। 
विज्ञापन
Electric Car - फोटो : FREEPIK
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए सरकार से एक बार फिर 100 प्रतिशत रोड टैक्स छूट जारी रखने की अपील की जा रही है। वाहन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह छूट जारी रहती है, तो राज्य में ईवी अपनाने की रफ्तार और तेज हो सकती है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - NHAI: एनएचएआई की नई योजना, इस हाईवे पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, टोल प्लाजा पर अब नहीं लगेंगी कतारें

ईवी नीति और टैक्स छूट की कहानी
साल 2019 में तमिलनाडु सरकार ने ईवी नीति लागू की थी, जिसके तहत दोपहिया, तीनपहिया, कार, बस और कमर्शियल वाहनों समेत सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को दिसंबर 2022 तक 100 प्रतिशत रोड टैक्स से छूट दी गई थी। बाद में डीएमके सरकार ने इस छूट को बढ़ाते हुए जनवरी 2023 से दिसंबर 2025 तक ईवी वाहनों के लिए मोटर टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया।

यह भी पढ़ें - Zelio E-Mobility: जेलियो ईवा सीरीज में तीन नए सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स

इंडस्ट्री का कहना- छूट खत्म हुई तो रफ्तार थम जाएगी
अब जब यह अवधि अपने आखिरी चरण में है, तो ईवी उद्योग के प्रतिनिधियों ने सरकार से इसे और आगे बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर टैक्स छूट हटा दी गई, तो नए खरीदार हिचकिचाएंगे और चार्जिंग स्टेशन जैसी सहायक सेवाओं के लिए कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा।

भारतीय चार्ज प्वाइंट ऑपरेटर्स एसोसिएशन (ICPOA) (आईसीपीओए) ने तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टी.आर.बी. राजा को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि टैक्स छूट तब तक जारी रखी जाए, जब तक राज्य में ईवी का कम से कम 20 प्रतिशत तक अपनाने का लक्ष्य हासिल न हो जाए।

यह भी पढ़ें - Ducati: नई Multistrada V4 Pikes Peak एडवेंचर स्पोर्ट्स टूअर बाइक भारत में लॉन्च, जानें कीमत और दमदार फीचर्स

बाकी राज्यों से पीछे तमिलनाडु
आईसीपीओए के डायरेक्टर कार्तिकेयन पलनीसामी ने कहा, "काफी समय तक तमिलनाडु ईवी अपनाने के मामले में कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली और केरल जैसे राज्यों से पीछे रहा। 2024 तक राज्य की ईवी अपनाने की दर राष्ट्रीय औसत से कम थी।"

हालांकि अब 2025 में तमिलनाडु की ईवी अपनाने की दर करीब 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्षों के मुकाबले बेहतर है, जब यह 5 प्रतिशत से भी कम थी। उन्होंने कहा, "यह ट्रेंड दिखाता है कि लोग धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों को स्वीकार करने लगे हैं।"

यह भी पढ़ें - Toyota Recall: टोयोटा की बड़ी रिकॉल मुहिम, अमेरिका में 10 लाख से ज्यादा गाड़ियां वापस बुलाई जाएंगी, जानें कौन से मॉडल हैं प्रभावित 

मैन्युफैक्चरिंग में आगे, अपनाने में अभी दूरी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रमुख इलेक्ट्रिक तिपहिया कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तमिलनाडु भले ही ईवी निर्माण के लिए एक बड़ी हब बन चुका है, लेकिन अपनाने की रफ्तार अभी भी और बढ़ानी होगी। ताकि औद्योगिक बढ़त के साथ उपभोक्ता स्तर पर भी राज्य अग्रणी बन सके।

यह भी पढ़ें - Lok Adalat: लंबित ट्रैफिक चालान निपटाने का मौका, दिल्ली में इस दिन लग रहा है लोक अदालत, जानें पूरी डिटेल्स 
विज्ञापन

सरकार ने मांगा समय, अभी चर्चा बाकी
राज्य सरकार के उद्योग सचिव वी. अरुण रॉय ने पुष्टि की है कि विभाग को इंडस्ट्री एसोसिएशन की ओर से टैक्स छूट बढ़ाने का प्रस्ताव मिला है। उन्होंने कहा, "अभी इस पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।"

तमिलनाडु में ईवी मैन्युफैक्चरिंग और निवेश लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में रोड टैक्स छूट को जारी रखना राज्य के 'ग्रीन मोबिलिटी मिशन' को और मजबूती दे सकता है। 

यह भी पढ़ें - Nissan: घाटे में चल रही जापानी वाहन निर्माता कंपनी निसान ने उठाया बड़ा कदम, पैसे जुटाने के लिए बेचा मुख्यालय भवन 

यह भी पढ़ें - Auto: टोयोटा, होंडा, सुजुकी का देश में 11 अरब डॉलर के निवेश का एलान, चीन पर निर्भरता घटाकर भारत पर भरोसा 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें