रियर सीट बेल्ट में खामी, यात्रियों के लिए बड़ा खतरा
क्रैश टेस्ट के दौरान सबसे गंभीर समस्या पीछे की सीट बेल्ट से जुड़ी सामने आई। जांच में पाया गया कि टक्कर के समय रियर सीट बेल्ट का रिट्रैक्टर मैकेनिज्म ठीक से काम नहीं कर पाया और अचानक अतिरिक्त बेल्ट निकल गई। इसका नतीजा यह हुआ कि पीछे बैठे डमी यात्री पर कोई पकड़ नहीं रही और वह आगे की सीट से टकरा गया। इस तरह की सीट बेल्ट विफलता की घटनाएं बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं। और इन्हें उच्च स्तर का सुरक्षा जोखिम माना जाता है।
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सुजुकी ने जारी किया रिकॉल, मालिकों को चेतावनी
इस गंभीर खामी के सामने आने के बाद सुजुकी न्यूजीलैंड ने फ्रॉन्क्स के लिए आधिकारिक तौर पर मैन्युफैक्चरर रिकॉल जारी कर दिया है। कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि पीछे की सीट बेल्ट का मैकेनिज्म तय डिजाइन के अनुसार काम नहीं कर रहा है। और दुर्घटना की स्थिति में इससे यात्रियों को चोट लगने का खतरा हो सकता है। इसके साथ ही न्यूजीलैंड ट्रांसपोर्ट एजेंसी ने देश में रजिस्टर्ड करीब 1,115 सुजुकी फ्रॉन्क्स मालिकों को औपचारिक नोटिस जारी कर इस सुरक्षा जोखिम की जानकारी दी है।
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पीछे की सीट इस्तेमाल न करने की सलाह
सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन और सुजुकी न्यूजीलैंड ने मिलकर इस खामी की तत्काल जांच शुरू कर दी है। कंपनी ने साफ किया है कि जब तक समस्या की जड़ का पता नहीं चल जाता और उसका तकनीकी समाधान लागू नहीं हो जाता, तब तक पीछे की सीटों का इस्तेमाल न किया जाए। जांच पूरी होने के बाद सुजुकी ऑस्ट्रेलिया और अन्य संबंधित इकाइयों के साथ मिलकर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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ANCAP क्रैश टेस्ट में Fronx का प्रदर्शन निराशाजनक
ANCAP के चार प्रमुख सुरक्षा मानकों में सुजुकी फ्रॉन्क्स का प्रदर्शन औसत से भी नीचे रहा। एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में इसे 48 प्रतिशत, चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 40 प्रतिशत, वल्नरेबल रोड यूजर प्रोटेक्शन में 65 प्रतिशत और सेफ्टी असिस्ट कैटेगरी में 55 प्रतिशत नंबर मिला। कुछ क्रैश परिस्थितियों में गाड़ी का प्रदर्शन ठीक रहा, लेकिन रियर सीट बेल्ट की बड़ी नाकामी ने इसकी कुल सेफ्टी रेटिंग को बुरी तरह प्रभावित किया।
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ANCAP की सख्त चेतावनी
ANCAP की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्ला हूरवेग ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक सुजुकी फ्रॉन्क्स की पीछे की सीटों पर न तो बच्चों और न ही वयस्कों को बैठाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला बताया।
सुजुकी फ्रॉन्क्स से जुड़ा यह घटनाक्रम दिखाता है कि आधुनिक गाड़ियों में सेफ्टी फीचर्स की विश्वसनीयता कितनी अहम है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि सुजुकी इस खामी को कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से ठीक कर पाती है।
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