दरअसल, शहर की घनी आबादी और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की चारपहिया गाड़ियों को पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में किसी घटना स्थल तक पुलिस को पहुंचने में घंटो लग जाते हैं। इसी समस्या से निजात पाने के लिए इन सेल्फ बैलेंसिंग इलेक्ट्रिक स्कूटर को शामिल किया गया है। इन ई-स्कूटर की नई फ्लीट से पुलिस बल की गतिशीलता बढ़ने की उम्मीद की जा रही है, जिससे किसी घटना स्थल में तुरंत पहुंचा जा सकेगा और अपराध के रोकथाम में मदद मिलेगी।
कैसा है ये सेल्फ बैलेंसिंग ई-स्कूटर
इस सेल्फ बैलेंसिंग ई-स्कूटर में आमने-सामने दो पहिये लगाए गए हैं। दोनों पहियों के बीच में गैप है जिसमें एक व्यक्ति खड़ा रह सकता है। स्कूटर को मोड़ने और स्पीड बढ़ाने के लिए एक हैंडल दिया गया है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस स्कूटर पर सवार होता है यह अपने आप बैलेंस होने लगता है और सवार को गिरने नहीं देता। यह स्कूटर बेहद कॉमपैक्ट है जिसे काफी आसानी से संकरी गलियों या व्यस्त बाजार में चलाया जा सकता है।
सेल्फ बैलेंसिंग स्कूटर
- फोटो : हर्षभाई संघवी (X Account)
इस अवसर पर बोलते हुए, माननीय गृह राज्य मंत्री हर्षभाई संघवी ने कहा, “सेल्फ-बैलेंसिंग ई-स्कूटर की शुरूआत स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है। बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों जैसे घनी भीड़भाड़ वाले इलाकों में, पारंपरिक पुलिस वाहनों को जाने में कफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ये ई-स्कूटर काफी छोटे और सुविधाजनक हैं, जो गश्त में सुधार लाएंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देंगे।"