फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Luxury Car Ban: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सुझाव, क्या सच में लग्जरी पेट्रोल-डीजल गाड़ियां हो जाएंगी बैन, जानें वजह

Fri, 21 Nov 2025 07:01 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pollution Control: दिल्ली की जहरीली हवा ने सुप्रीम कोर्ट को धीरे-धीरे लग्जरी पेट्रोल और डीजल कारों पर बैन लगाने के लिए मजबूर कर दिया है। जिससे अमीरों की आलीशान राइड्स इलेक्ट्रिक हो जाएं। फिलहाल ये सिर्फ सुझाव है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : BMW
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली की सांस रोक देने वाली स्मॉग के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक स्मार्ट सुझाव दिया है।13 नवंबर 2025 को जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमलया बागची ने लग्जरी पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों पर बैन लगाने की बात कही। यह सुझाव सेंटर फॉर पब्लिक इंटररेस्ट लिटिगेशन की याचिका पर सुझाव के दौरान आया। जिसका प्रतिनिधित्व वकील प्रशांत भूषण कर रहे थे। याचिका में मांग की गई है कि सरकार की मौजूदा ईवी नीतियों को जमीन पर सख्ती से लागू किया जाए, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ावा मिल सके। 
विज्ञापन


कोर्ट में कहा गया कि लग्जरी पेट्रोल और डीजर कारों पर 'फेज्ड बैन' (धीरे-धीरे बंदी) लगाओ। मतलब की पांच वर्षों में इन्हें मार्केट से हटा दो। क्योंकि वीआईपी फीचर्स वाले, लंबी रेंज, लग्जरी सीट्स और सेफ्टी वाले बड़े ईवी मॉडल पहले से उपलब्ध हैं। 

ये भी पढ़े: Electric Bus: दिल्ली की एकमात्र इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बस अब शहर की सड़कों पर नहीं, सिर्फ टूरिस्ट रूट पर चलेगी
विज्ञापन


किसपर पड़ेगा असर

कोर्ट का कहना है कि इससे आम आदमी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इनमें सिर्फ हाई एंड कारें टारगेट पर है। इसकी अगली सुनवाई दिसंबर 2025 में होगी। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमण ने बताया कि 13 मिनिस्ट्रीज ईवी पर काम कर रही हैं। ये सुझाव दिल्ली-NCR की नवंबर वाली 'गैस चैंबर' हवा से निकला है। कोर्ट ने कहा प्रदूषण रोकने के लिए EV को 'फोर्स' करो, वरना सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। ये सिर्फ कारों का मामला नहीं, बल्कि 'हेल्दी इंडिया' का पहला कदम है!
विज्ञापन


ये भी पढ़े: Bajaj Auto-KTM: बजाज ऑटो ने केटीएम में बहुमत हिस्सेदारी अधिग्रहण पूरा किया, यूरोपीय मंजूरियों के बाद डील पूरी

कौन सी कारें और कंपनियां फंसेंगी? 

लग्ज़री कारें पूरे पैसेंजर व्हीकल मार्केट का सिर्फ 1 प्रतिशत हैं, लेकिन 2030 तक 4-5 प्रतिशत हो जाएंगी। फिर भी, इनमें EV सिर्फ 12% है। टाटा नेक्सन ने अकेले अक्तूबर में 22,083 यूनिट्स बेचीं। अगर बैन आया, तो अमीर बायर्स को EV की तरफ धकेला जाएगा। मर्सिडीज ईक्यूएस या बीएमडब्ल्यू आई7 जैसी कारें पहले से हिट हैं। ये ICE से बेहतर राइड देती हैं, बिना शोर या स्मोक के।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें