कारों में सनरूफ का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और लोग इसे एक लक्जरी फीचर के तौर पर पसंद कर रहे हैं। हालांकि, गर्मियों के मौसम में सनरूफ वाली कारें असुविधाजनक साबित हो सकती हैं। भले ही यह कार को प्रीमियम लुक देती है, लेकिन इसका सीधा असर आपकी गाड़ी के तापमान, माइलेज और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
Sunroof in Car
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गर्मी में सनरूफ के बड़े नुकसान
गर्मियों में सनरूफ के जरिए सूरज की सीधी किरणें कार के केबिन में प्रवेश करती हैं, जिससे अंदर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यदि गाड़ी लंबे समय तक धूप में खड़ी रहती है, तो यह ओवन की तरह गर्म हो जाती है। इस गर्मी से बचने के लिए एसी का टेंपरेचर कम करना पड़ता है और फैन की स्पीड बढ़ानी पड़ती है, जिससे कार की फ्यूल एफिशिएंसी पर असर पड़ता है और माइलेज घट जाता है।
त्वचा और विजिबिलिटी के लिए नुकसानदेह
सनरूफ से आने वाली यूवी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे सनबर्न या त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, सूरज की तेज रोशनी जब सनरूफ से टकराकर चमक पैदा करती है, तो यह ड्राइविंग के दौरान विजिबिलिटी को कम कर सकती है, जिससे हादसे की संभावना बढ़ जाती है। खासकर सुबह और शाम के वक्त यह समस्या और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है।
मेंटेनेंस और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां
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मेंटेनेंस और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां
सनरूफ को नियमित रूप से साफ और मेंटेनेंस करना जरूरी होता है, क्योंकि इसमें धूल, गंदगी और पानी जमा होने से लीकेज की समस्या हो सकती है। साथ ही, इसकी मोटर और सील को समय-समय पर जांचना जरूरी है, क्योंकि जरा सी खराबी से यह जाम हो सकता है। सनरूफ कांच का बना होता है, जो हादसे की स्थिति में टूटकर यात्रियों को चोट पहुंचा सकता है। छोटे बच्चे सनरूफ से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
मोटे तौर पर देखे तो सनरूफ कार को स्टाइलिश बनाता है, लेकिन गर्मियों में यह कई परेशानियां खड़ी कर सकता है। अगर आप किसी गर्म जलवायु वाले क्षेत्र में रहते हैं, तो सनरूफ वाली कार खरीदने से पहले इन बातों पर जरूर विचार करें।