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Car Tyre: गर्मियों में कार के टायर क्यों फटते हैं और इससे कैसे बचें, जानें आसान टिप्स

Mon, 02 Mar 2026 11:24 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हर गर्मियों में, भारतीय सड़कों पर टायर की समस्याएं आम हो जाती हैं। कई ड्राइवरों को अचानक पंक्चर या टायर फटने की समस्या होती है, खासकर लंबे हाईवे ट्रिप के दौरान। जानें बचाव के आसान टिप्स।
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Car Driving - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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हर साल गर्मियों के मौसम में भारतीय सड़कों पर टायर से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। खासकर लंबी हाईवे ड्राइव के दौरान अचानक पंचर या टायर फटने की घटनाएं सामने आती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है तेज गर्मी और टायरों की सही देखभाल न होना। तेज रफ्तार में टायर फटना डरावना तो होता ही है, कई बार खतरनाक भी साबित हो सकता है। हालांकि ज्यादातर मामलों में इसे रोका जा सकता है।

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तेज गर्मी टायरों को कैसे नुकसान पहुंचाती है?
भारत के कई हिस्सों में गर्मियों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। सड़क की सतह इससे भी ज्यादा गर्म हो जाती है। जब कार लगातार ऐसी परिस्थितियों में चलती है, तो टायरों के अंदर गर्मी जमा होने लगती है।

इससे हवा का दबाव बढ़ता है और रबर नरम व कमजोर हो जाता है। अगर टायर पहले से घिसा हुआ या खराब हालत में हो, तो उसके फेल होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

गलत हवा का दबाव कितना खतरनाक हो सकता है?
टायर फटने की सबसे आम वजहों में से एक है गलत एयर प्रेशर। कई ड्राइवर अनजाने में टायरों में जरूरत से ज्यादा या कम हवा भरकर गाड़ी चलाते हैं।
ज्यादा हवा भरे टायर गर्मियों में ज्यादा संवेदनशील होते हैं। तापमान बढ़ने पर टायर के अंदर की हवा फैलती है और दबाव और बढ़ जाता है, जिससे अचानक टायर फट सकता है।
वहीं कम हवा वाले टायर ज्यादा मुड़ते हैं, जिससे अतिरिक्त गर्मी पैदा होती है। समय के साथ इससे टायर की संरचना कमजोर हो जाती है।

सही एयर प्रेशर बनाए रखने का आसान तरीका क्या है?
सबसे सुरक्षित तरीका है कंपनी द्वारा सुझाए गए एयर प्रेशर का पालन करना। हर दो हफ्ते में एक बार टायर प्रेशर चेक करना फायदेमंद होता है, खासकर लंबी यात्रा से पहले। यह छोटी सी आदत बड़े हादसे से बचा सकती है।

पुराने टायर गर्मियों में ज्यादा क्यों फेल होते हैं?
कई बार टायर बाहर से ठीक दिखते हैं, लेकिन समय के साथ रबर खराब हो जाता है। भारत में पांच-छह साल पुराने टायरों पर गाड़ियां चलना आम बात है। ऐसे टायर गर्म मौसम में ज्यादा आसानी से फेल हो सकते हैं।

साइडवॉल पर छोटे क्रैक, उभार या असमान घिसावट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये टायर फेल होने के शुरुआती संकेत होते हैं।

ज्यादा वजन टायरों पर क्या असर डालता है?
फैमिली ट्रिप के दौरान गाड़ी में ज्यादा सामान और सवारियां होने से ओवरलोडिंग हो जाती है। अतिरिक्त वजन का मतलब है टायरों पर ज्यादा दबाव और ज्यादा गर्मी।
लोड को तय सीमा में रखने से टायरों की उम्र बढ़ती है और फटने का खतरा कम होता है।

रफ्तार और लंबी ड्राइव का क्या संबंध है?
ज्यादा स्पीड पर टायर तेजी से घूमते हैं, जिससे गर्मी भी ज्यादा पैदा होती है। दोपहर की धूप में लंबी हाईवे ड्राइव टायरों के लिए खास तौर पर मुश्किल होती है।
बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेना फायदेमंद होता है, ताकि टायरों को ठंडा होने का समय मिल सके। 

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नियमित जांच क्यों जरूरी है?
टायरों की नियमित जांच अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। छोटा सा कील या हल्की कट शुरू में गंभीर नहीं लगती, लेकिन यह टायर को कमजोर बना सकती है।
गर्म मौसम में ऐसे कमजोर हिस्से बिना चेतावनी के फेल हो सकते हैं।

व्हील अलाइनमेंट और बैलेंसिंग कितनी अहम है?
खराब व्हील अलाइनमेंट से टायर असमान रूप से घिसते हैं और ऐसे हिस्से जल्दी गर्म हो जाते हैं। कई ड्राइवर इसे नजरअंदाज करते हैं।
नियमित सर्विसिंग, सही अलाइनमेंट और बैलेंसिंग से टायर बेहतर हालत में रहते हैं और गर्मियों में फेल होने का जोखिम कम हो जाता है। 

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