अगर आने वाले समय में ईंधन की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो भारत के ऑटोमोबाइल बाजार के कुछ प्रमुख सेगमेंट में मांग तेजी से वापस लौट सकती है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन साच्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्षों के ईंधन मूल्य वृद्धि चक्रों का अध्ययन करने पर यह पाया गया कि जैसे ही ईंधन की कीमतों पर दबाव कम हुआ, कुछ वाहन श्रेणियों में बिक्री सबसे तेजी से सुधरी।
गोल्डमैन साच्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन कीमतों में स्थिरता आने के बाद इन श्रेणियों में मांग सबसे तेजी से लौटती रही है:
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 10 वर्षों के दौरान ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के छह अलग-अलग चरणों का विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन में वाहन बिक्री के आंकड़ों और स्थानीय पेट्रोल-डीजल कीमतों का इस्तेमाल किया गया।
इस फर्म ने पिछले एक दशक में ऐसे छह चरणों का अध्ययन किया, जब ईंधन कीमतों में 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई थी।
इस विश्लेषण में शामिल थे:
रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी कम होते ही दोपहिया और पैसेंजर वाहन सेगमेंट ने सबसे तेज रिकवरी दिखाई।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन कीमतों के झटके के बाद कमर्शियल वाहन सेगमेंट की मांग को वापस पटरी पर आने में अधिक समय लगता है।
इसके उलट:
परिचालन लागत स्थिर होने के बाद अपेक्षाकृत तेजी से सुधार दिखाते हैं।
रिपोर्ट में मौसम को भी ऑटो उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार:
रिपोर्ट के मुताबिक, मानसून की कमजोर शुरुआत वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी वाहन श्रेणियों को प्रभावित कर सकती है।
विशेष रूप से:
पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
रिपोर्ट बताती है कि ऑटो कंपनियों के लिए इनपुट लागत बढ़ने की चिंता भी जताई है।
रिपोर्ट के अनुसार:
फर्म का अनुमान है कि:
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याएं कम होने और उत्पादन सामान्य होने के कारण इन्वेंट्री स्तर में सुधार देखा जा रहा है।
गोल्डमैन साच्स के मुताबिक:
रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले महीनों में भारतीय ऑटो बाजार की स्थिति मुख्य रूप से तीन प्रमुख कारकों पर निर्भर करेगी:
अगर ईंधन कीमतें स्थिर रहती हैं और अन्य परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो स्कूटर, प्रीमियम मोटरसाइकिल, एंट्री-लेवल कारों और प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में मांग की वापसी अपेक्षा से तेज हो सकती है।