फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chinese Cars: अमेरिका में बैन हो जाएंगी चीनी कारें? ‘चलता जासूसी सिस्टम’ होने के लग रहे आरोप, जानें पूरा मामला

Fri, 29 May 2026 12:07 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Protecting America from Chinese Cars Act: अमेरिका में चीन से जुड़ी कनेक्टेड गाड़ियों पर बड़ा एक्शन लेने की तैयारी शुरू हो गई है। अमेरिकी सांसदों ने नया बिल पेश किया है, जिसमें चीन में बनी या चीनी कंपनियों से जुड़ी गाड़ियों को कनाडा और मैक्सिको के रास्ते अमेरिका आने से रोका जा सकता है। अमेरिकी नेताओं का कहना है कि ये वाहन “चलते-फिरते निगरानी सिस्टम” की तरह काम कर सकते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। 
 
विज्ञापन
अमेरिका में चीनी कारों पर बैन लगाने के लिए नया बिल पेश (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एआई जनरेटेड
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

US Ban Chinese Connected Vehicles: विश्व में चीन की बढ़ती पैठ से अब अमेरिकी पूरी तरह एक्शन में आ गया है। अमेरिका के दो वरिष्ठ डेमोक्रेटिक सांसदों ने चीन से जुड़ी गाड़ियों को अपने पड़ोसी देशों कनाडा और मैक्सिको के रास्ते अमेरिका सीमाओं में प्रवेश लेने से रोकने के लिए एक सख्त विधेयक यानी की बिल पेश किया है। इस बिल में सांसदों ने स्पष्ट तौर से कहा है कि ये आधुनिक गाड़ियां न सिर्फ अमेरिकी ऑटोमोबाइल बाजार को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर खतरा बनी हुई हैं।

विज्ञापन


यह 'प्रोटेक्टिंग अमेरिका फ्रॉम चाइनीज कार्स एक्ट' की घोषणा मिशिगन की कांग्रेस वुमन हेली स्टीवंस और सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने मिशिगन में आयोजित 'मैकिनैक पॉलिसी कॉन्फ्रेंस' के दौरान आधिकारिक तौर पर की। आइए जानते हैं इस कानून के तहत क्या प्रावधान हैं? और चीनी कारों को लेकर अमेरिका इतना डरा हुआ क्यों है?

क्या अमेरिका डरा हुआ है?

  • अमेरिकी सांसदों का मानना है आज ही ये आधुनिक चीनी गाड़ियां सिर्फ वाहन नहीं रहीं, बल्कि एक डाटा कलेक्शन मशीन बन चुकी हैं। इनमें कैमरे लगे हैं, सेंसर, इंटरनेट कनेक्टिवी और यहां तक की लोकेशन ट्रैकिंग जैसे सिस्टम्स हैं। ऐसे में इन्हें सुरक्षा के लिहाज से चलता-फिरता खतरा माना जा रहा है।
  • सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने तो इन गाड़ियों को “पहियों पर चलते निगरानी तंत्र” करार दिया है। उन्होंने कहा यह मुद्दा अब सिर्फ आर्थिक मामलों तक ही सीमित नहीं है। यह आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों से जुड़ गया है। हमें इन वाहनों को अपनी सीमाओं को पार करके हमारे समुदायों में प्रवेश करने से हर हाल में रोकना होगा। 
  • स्लॉटकिन का मानना है कि ये वाहन ड्राइवर की लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं। वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकते हैं, संवेदनशील इलाकों और सैन्य ठिकानों की मैपिंग कर सकते हैं और यूजर्स की निजी डाटा भी इकट्ठा कर सकते हैं। ऐसे में अमेरिका को डर है कि इस डेटा तक चीन की पहुंच हो सकती है।

विज्ञापन

कनाडा और मैक्सिको के रास्ते एंट्री रोकने की तैयारी

  • इन्हीं खतरों काे देखते हुए अमेरिकी सांसदों ने कहा है कि चीन अब वैश्विक बाजार में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत बना रहा है। खासतौर पर मैक्सिको में चीनी कार कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
  • इसके अलावा कनाडा और चीन के बीच नए व्यापार समझौतों ने अमेरिकी नेताओं की चिंता दोगुनी कर दी है। उन्हें डर है कि कहीं चीनी कंपनियां कनाडा और मैक्सिको को बैकडोर एंट्री की तरह इस्तेमाल न कर लें। ऐसा न हो इसलिए इसी वजह से नया बिल इन दोनों देशों के रास्ते अमेरिका में आने वाले चीनी वाहनों पर भी रोक लगाने की तैयारी कर रहा है।


किन गाड़ियों पर लागू होगा प्रतिबंध?
यह बिल सांसदों की ओर से पेश किए गए दोनों दलों (बायपार्टिसन) के समर्थन वाले 'कनेक्टेड व्हीकल सिक्योरिटी एक्ट 2026' पर आधारित है। इसमें इन गाड़ियों पर प्रतिबंध लागू होगा।

  • पूर्ण प्रतिबंध: चीन में निर्मित या पूरी तरह से डिजाइन किए गए कनेक्टेड वाहनों को किसी भी रूप में फिर वह सिर्फ एक दिन के लिए ही क्यों न हो, अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी जाएंगी।
  • 15% हिस्सेदारी वाला नियम: यह प्रतिबंध न केवल चीन में बनी कारों पर लागू होगा, बल्कि दुनिया के किसी भी कोने में बनी उन गाड़ियों पर भी लागू होगा, जिन निर्माता कंपनियों में चीनी फर्मों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है।
  • सख्त जांच और कांग्रेस की निगरानी: हालांकि, इस बिल में एक दूसरा पहलू भी है, कि इसमें कुछ कंपनियां विशेष अनुमति यानी की छूट के लिए आवेदन कर सकेंगी। लेकिन इसके लिए सख्त नियम, पारदर्शिता और कांग्रेस की निगरानी होगी।


अमेरिकी ऑटो इंडस्ट्री को भी बचाने की कोशिश

  • यह कदम सिर्फ सुरक्षा से जुड़ा नहीं है, बल्कि अमेरिकी ऑटो इंडस्ट्री की सुरक्षा से भी जुड़ा माना जा रहा है। बिल पेश करने वाले सांसदों का मानना है कि चीनी वाहन कंपनियों को सरकार से भारी सब्सिडी मिलती है, जिसकी वजह से वे दुनिया भर में तेजी से विस्तार कर रही हैं।
  • इससे अमेरिकी वाहन निर्माताओं पर दबाव बढ़ रहा है। हेली स्टीवंस ने कहा कि यह बिल दुनिया की बेहतरीन गाड़ियां बनाने वाले मिशिगन और अमेरिका के ऑटो वर्कर्स की रक्षा करने के लिए भी जरूरी है।


90 दिनों में लागू हो सकते हैं नए नियम

  • प्रस्तावित कानून के अनुसार, यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन को बिल लागू होने के 90 दिनों यानी करीब तीन महीने के भीतर प्रतिबंधित वाहनों की सूची तैयार करनी होगी। इसके साथ ही एजेंसी को नए एंट्री नियम तय करने और सुरक्षा मानकों को लागू करने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
  • हालांकि अगर यह बिल पास हो जाता है, तो आने वाले समय में अमेरिका में चीनी कनेक्टेड कारों की एंट्री लगभग पूरी तरह बंद हो सकती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अमेरिका के बाद दूसरे देश भी अपने ऑटो बाजार और डेटा सुरक्षा को लेकर इसी तरह की चिंता जताते हैं। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अन्य देशों में भी चीनी गाड़ियों पर प्रतिबंध लगेंगे या नहीं, लेकिन वैश्विक ऑटो इंडस्ट्री में इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें