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कार बेचने के बाद तुरंत करें ये काम: वरना नए मालिक का टोल भरते रहेंगे आप, क्या है फास्टैग बंद करने का तरीका?

Mon, 14 Sep 2026 07:00 AM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आपने अपनी पुरानी कार बेचने के बाद आरसी और दूसरे जरूरी कागजात ट्रांसफर कराने के साथ फास्टैग भी डिएक्टिवेट कराया है? अगर नहीं, तो आप परेशानी में पड़ सकते हैं, क्योंकि नई कार का टोल आपके अकाउंट से ही कटता रह सकता है। ऐसे में कार बेचने के बाद फास्टैग को डिएक्टिवेट कराना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इसे बंद कराने की पूरी प्रक्रिया क्या है...
 
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ऐसे डिएक्टिवेट करें फास्टैग - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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कई लोग कार के सभी कागजात और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ट्रांसफर कराने के बाद निश्चिंत हो जाते हैं। कुछ समय बाद जब उनके फोन पर बार-बार टोल की रकम कटने के मैसेज आने लगते हैं, तब उन्हें पता चलता है कि उन्होंने फास्टैग तो डिएक्टिवेट कराया ही नहीं था। इस वजह से नए कार मालिक के टोल का भुगतान भी उनके अकाउंट से होता रहा। इसलिए गाड़ी बेचने के बाद यह छोटा लेकिन बेहद जरूरी काम जरूर निपटा लेना चाहिए। अगर आपको नहीं पता कि फास्टैग को कैसे डिएक्टिवेट किया जाता है या इसकी प्रक्रिया क्या है, तो इस लेख में बताई गई जानकारी को फॉलो करके आप अपना फास्टैग बंद करा सकते हैं।

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फास्टैग बंद कराना क्यों है जरूरी?

  • फास्टैग कार की विंडशील्ड पर लगा एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग होता है, जो आपके फास्टैग अकाउंट या वॉलेट से लिंक रहता है। जैसे ही कार टोल प्लाजा से गुजरती है, वहां लगा स्कैनर फास्टैग को स्कैन करता है और टोल की रकम अपने आप लिंक्ड अकाउंट से कट जाती है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति ने कार बेचने के बाद फास्टैग फास्टैग नहीं कराया है, तो नया मालिक जब भी उस कार से टोल प्लाजा से गुजरेगा, टोल की रकम पुराने मालिक के फास्टैग अकाउंट से कट सकती है।
  • नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अनुसार, कार बेचने या किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर करने के बाद पुराने मालिक को फास्टैग जारी करने वाले बैंक से संपर्क करके अपना फास्टैग अकाउंट या वॉलेट बंद करा देना चाहिए। वहीं, नए मालिक को अपने नाम से नया फास्टैग जारी करवाना चाहिए।


फास्टैग में पैसे बचे बैलेंस का रिफंड कैसे लें?
कार बेचने से पहले या फास्टैग बंद कराने के दौरान अपने वॉलेट का बैलेंस जरूर चेक कर लें और अगर उसमें पैसे बचें हो, तो उसका रिफंड लेना न भूलें।

  • रिफंड प्रक्रिया: अगर फास्टैग वॉलेट में पैसे बचे हुए हैं, तो बैंक से पूछें कि उस रकम का रिफंड कैसे मिलेगा।
  • अकाउंट क्लोजर: फास्टैग का बचा हुआ पैसा वापस मिलने की प्रक्रिया हर बैंक की शर्तों के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए अकाउंट बंद कराने की रिक्वेस्ट डालते समय कस्टमर केयर से यह जरूर पूछ लें कि बचा हुआ बैलेंस किस खाते में क्रेडिट होगा और इसके लिए किन डॉक्युमेंट्स की जरूरत होगी।

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फास्टैग डिएक्टिवेट करने का तरीका क्या है?
फास्टैग बंद कराने का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि आपका टैग किस बैंक या एजेंसी ने जारी किया है:

  • जारीकर्ता बैंक पहचानें: सबसे पहले चेक करें कि फास्टैग किस बैंक जैसे एसबीआई, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी या पेटीएम ने जारी किया है।
  • कस्टमर केयर या पोर्टल से संपर्क: उस बैंक की फास्टैग कस्टमर केयर हेल्पलाइन या ऑनलाइन फास्टैग पोर्टल पर लॉग इन करें।
  • रिक्वेस्ट दर्ज कराएं: कस्टमर केयर को बताएं कि आपने कार बेच दी है और अकाउंट बंद करवाना चाहते हैं।
  • वेरिफिकेशन: बैंक आपसे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबरऔर फास्टैग से जुड़ी कुछ दूसरी जानकारी मांग सकता है। वेरिफिकेशन पूरा होते ही फास्टैग क्लोजर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।


कार बेचने के बाद यह काम जरूर करें

  • स्टेटस जांचें: क्लोजर रिक्वेस्ट पूरी होने के बाद एक बार यह जरूर जांच लें कि फास्टैग का स्टेटस अब इनएक्टिव या क्लोस्ड दिखा रहा है या नहीं।
  • हेल्पलाइन की मदद लें: अगर संबंधित बैंक से आपकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, तो फास्टैग से जुड़ी शिकायत या मदद के लिए IHMCL (इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड) की हेल्पलाइन और शिकायत निवारण व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है। याद रखें, कार बेचने के बाद सिर्फ पेपर्स ट्रांसफर करना ही काफी नहीं है, फास्टैग भी समय पर बंद कराएं ताकि किसी और की गाड़ी का टोल आपके खाते से न कटे।
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