बीमा पॉलिसियों की जटिल भाषा पर हाईकोर्ट ने क्या सख्त टिप्पणी की?
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस भास्कर राज प्रधान ने बीमा प्रमाण पत्र की अस्पष्टता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों को अपने ग्राहकों को ऐसी पॉलिसी देनी चाहिए जिसकी शर्तें वे आसानी से समझ सकें। न कि उन्हें नियम जानने के लिए कंपनी की वेबसाइट के दर्जनों पन्नों की भूलभुलैया में भटकना पड़े।
जस्टिस प्रधान ने कहा:
"बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्तों को समझना हमेशा से ही एक कठिन काम रहा है। बीमा प्रमाणपत्र की भाषा यह स्पष्ट नहीं करती कि कंपनी का दायित्व किस हद तक है। IRDA के दिशानिर्देशों के तहत हर जारी किए गए सर्टिफिकेट में बीमा कवरेज की सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। ताकि बीमित व्यक्ति को पॉलिसी लेते ही अपने अधिकारों की पूरी जानकारी मिल सके।"