Indian Auto Sales FY27: सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्सर्च (SIAM) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पैसेंजर व्हीकल्स, कमर्शियल व्हीकल्स और थ्री-व्हीलर्स ने अब तक की सबसे बेहतरीन तिमाही ग्रोथ दर्ज की है। पश्चिम एशिया यानी मिडिल इस्ट में जारी भू-राजनीति तनाव के बावजूद, सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों में भारत से हाेने वाला निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
निर्यात में भी बनी रिकॉर्ड बढ़त
यही नहीं, चुनौतियों के बावजूद भारतीय ऑटो कंपनियों ने विदेशों में भी अपना मजबूत प्रदर्शन किया। पहली तिमाही में पैसेंजर वाहनों का निर्यात 2.22 लाख यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 8.8% की वृद्धि है। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से उस क्षेत्र में निर्यात पर कुछ दबाव बना रहा।
थ्री-व्हीलर सेगमेंट की अब तक की सबसे मजबूत शुरुआत
थ्री-व्हीलर निर्यात में 57% से ज्यादा की छलांग
थ्री-व्हीलर्स का निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। अप्रैल-जून तिमाही में निर्यात 57.7% बढ़कर 1.51 लाख यूनिट रहा, जो इस सेगमेंट के लिए नई उपलब्धि है।
कमर्शियल वाहनों की बिक्री भी नई ऊंचाई पर
कमर्शियल वाहन निर्यात भी बढ़ा
कमर्शियल वाहनों का निर्यात 43.3% बढ़कर लगभग 28 हजार यूनिट तक पहुंच गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में पिकअप ट्रकों की बढ़ती मांग इसकी प्रमुख वजह रही।
जून महीने में भी बनी रही मजबूत रफ्तार
अगर हम बात केवल जून की करें, तो पैसेंजन व्हीकल बिक्री में इस महीने ने मजबूत बढ़त दर्ज की। जून में व्यावसायिक वाहनों की मांग 24.1% बढ़कर 3,88,144 यूनिट रही, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 3,12,851 यूनिट थी। वहीं, टू-व्हीलर बिक्री 18,51,400 यूनिट और थ्री-व्हीलर बिक्री 77,951 यूनिट दर्ज की गई।
क्या है इस ग्रोथ की वजह?
क्या आगे भी रहेगी ऐसी ही ग्रोथ या आ सकती है कमी?