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ऑटो बाजार में बंपर उछाल: पहली तिमाही में टूटे बिक्री के रिकॉर्ड, जानें किस सेगमेंट ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार

Wed, 15 Jul 2026 01:52 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

SIAM Q1 Sales 2026: वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के बावजूद भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने दमदार प्रदर्शन किया है। पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने पहली तिमाही में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की, जबकि वाहन निर्यात भी ऊंचाई पर पहुंच गया। आखिर किस सेगमेंट ने सबसे ज्यादा रफ्तार पकड़ी? आइए जानते हैं SIAM की ताजा रिपोर्ट क्या कहती है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Indian Auto Sales FY27: सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्सर्च  (SIAM) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पैसेंजर व्हीकल्स, कमर्शियल व्हीकल्स और थ्री-व्हीलर्स ने अब तक की सबसे बेहतरीन तिमाही ग्रोथ दर्ज की है। पश्चिम एशिया यानी मिडिल इस्ट में जारी भू-राजनीति तनाव के बावजूद, सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों में भारत से हाेने वाला निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 

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पैसेंजर वाहनों ने बनाया नया रिकॉर्ड

  • SIAM के अनुसार अप्रैल से जून 2026 के दौरान पैसेंजर वाहनों की घरेलू बिक्री 25.9% बढ़कर 12,73,811 यूनिट पर पहुंच गई। यह इस सेगमेंट की अब तक की सबसे बड़ी पहली तिमाही बिक्री मानी जा रही है।
  • इस दौरान यूटिलिटी व्हीकल (SUV या UV) की मांग सबसे ज्यादा रही। इस श्रेणी में 8,61,918 यूनिट की बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में 28.6% अधिक है। वहीं, पैसेंजर कारों की बिक्री 21.3% बढ़कर 3,67,549 यूनिट रही।

निर्यात में भी बनी रिकॉर्ड बढ़त
यही नहीं, चुनौतियों के बावजूद भारतीय ऑटो कंपनियों ने विदेशों में भी अपना मजबूत प्रदर्शन किया। पहली तिमाही में पैसेंजर वाहनों का निर्यात 2.22 लाख यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 8.8% की वृद्धि है। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से उस क्षेत्र में निर्यात पर कुछ दबाव बना रहा।

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टू-व्हीलर बाजार में भी दिखी तेजी

  • टू-व्हीलर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन दर्ज किया गया है। अप्रैल-जून तिमाही में घरेलू बिक्री 20.3% बढ़कर 56,28,675 यूनिट तक पहुंच गई।
  • इस दौरान स्कूटरों की बिक्री ने मोटरसाइकिलों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। उद्योग के अनुसार कम GST दरों ने इस सेगमेंट की मांग को मजबूत बनाए रखने में मदद की।
  • यह टू-व्हीलर्स की मांग केवल घरेलू बाजार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी बाजार में भी दो-पहिया की मांग में इजाफा हुआ है। पहली तिमाही में इनका निर्यात 36.6% बढ़कर 15.5 लाख यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।


थ्री-व्हीलर सेगमेंट की अब तक की सबसे मजबूत शुरुआत

  • SIAM का मानना है कि FY27 की पहली तिमाही की थ्री-व्हीलर सेगमेंट में यह अब तक की जबरदस्त ग्रोथ है। घरेलू बिक्री 29.7% बढ़कर 2,14,339 यूनिट हो गई, जो इस सेगमेंट की पहली तिमाही का अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन है।
  • पैसेंजर और गुड्स कैरियर दोनों श्रेणियों में मांग मजबूत रही। SIAM का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में सुधार और आसान वाहन फाइनेंसिंग ने इस ग्रोथ को समर्थन दिया।


थ्री-व्हीलर निर्यात में 57% से ज्यादा की छलांग
थ्री-व्हीलर्स का निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। अप्रैल-जून तिमाही में निर्यात 57.7% बढ़कर 1.51 लाख यूनिट रहा, जो इस सेगमेंट के लिए नई उपलब्धि है।

कमर्शियल वाहनों की बिक्री भी नई ऊंचाई पर

  • कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट ने भी पहली तिमाही में 2,64,831 यूनिट की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले 18.3% अधिक है।
  • इस दौरान गुड्स कैरियर की मांग में दोहरे अंकों की वृद्धि देखने को मिली। उद्योग का मानना है कि रिप्लेसमेंट डिमांड और माइनिंग व सीमेंट सेक्टर की बेहतर गतिविधियों ने इस सेगमेंट को मजबूती दी। वहीं पैसेंजर कैरियर की बिक्री में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


कमर्शियल वाहन निर्यात भी बढ़ा
कमर्शियल वाहनों का निर्यात 43.3% बढ़कर लगभग 28 हजार यूनिट तक पहुंच गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में पिकअप ट्रकों की बढ़ती मांग इसकी प्रमुख वजह रही।

जून महीने में भी बनी रही मजबूत रफ्तार 
अगर हम बात केवल जून की करें, तो पैसेंजन व्हीकल बिक्री में इस महीने ने मजबूत बढ़त दर्ज की। जून में व्यावसायिक वाहनों की मांग 24.1% बढ़कर 3,88,144 यूनिट रही, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 3,12,851 यूनिट थी। वहीं, टू-व्हीलर बिक्री 18,51,400 यूनिट और थ्री-व्हीलर बिक्री 77,951 यूनिट दर्ज की गई।

क्या है इस ग्रोथ की वजह?

  • इन आंकड़ों के सामने आने के बाद SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा का कहना है कि पश्चिम एशिया में सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय ऑटो उद्योग ने शानदार पहली तिमाही दर्ज की। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख वाहन सेगमेंट्स ने रिकॉर्ड निर्यात हासिल किया।
  • उनके अनुसार मजबूत घरेलू मांग, कम GST दरें, आसान फाइनेंसिंग, पिछले साल का कम बेस और नए मॉडल्स की लॉन्चिंग इस शानदार प्रदर्शन की मुख्य वजह रहे।
  • SIAM के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने भी कहा कि FY27 की पहली तिमाही में सभी वाहन श्रेणियों में हाई डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई।


क्या आगे भी रहेगी ऐसी ही ग्रोथ या आ सकती है कमी?

  • एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल हो जुलाई से सिंतबर की तिमाही में त्योहारी सीजन के करीब आने के साथ मांग मजबूत बनी रहेगी। कम GST दरें और आसान फाइनेंसिंग भी वाहन बिक्री को सपोर्ट करती रहेंगी।
  • हालांकि, SIAM ने यह भी माना कि कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि इनका असर ईंधन और कच्चे माल की सप्लाई पर पड़ सकता है।
  • इसके अलावा, उद्योग की नजर इस साल के मानसून पर भी है। अच्छी बारिश और बेहतर कृषि उत्पादन ग्रामीण मांग को मजबूत कर सकते हैं, जो त्योहारी सीजन में ऑटो बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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