पिछले कुछ वर्षों में ऑटो उद्योग ने कई घोटालों को देखा है, जिनकी शुरुआत डीजलगेट से हुई। और अब जापान के ऑटोमोबाइल उद्योग को हिला देने वाले ताजा घोटाले तक पहुंची है। खबरों के अनुसार, टोयोटा, माजदा और होंडा एक ऐसे घोटाले में शामिल रहीं हैं। जहां इन कार निर्माताओं ने कथित तौर पर विभिन्न वाहन मॉडलों के लिए सर्टिफिकेशन टेस्ट (प्रमाणन परीक्षणों) में धोखाधड़ी की है। जापानी अधिकारियों ने घोटाले के उजागर होने के बाद जांच शुरू कर दी है और टोयोटा के कार्यालयों पर छापा मारा है।
टोयोटा के अलावा, प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां सुजुकी, होंडा, माजदा, हिनो और दाइहत्सु भी ताजा घोटाले में शामिल रहीं। मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ये जापानी वाहन निर्माता एक सेफ्टी टेस्ट (सुरक्षा परीक्षण) घोटाले में शामिल थे। जिसकी वजह से कुछ वाहनों के शिपमेंट को भी रोक दिया गया था। जब जापान के परिवहन मंत्रालय को कुछ मॉडलों को प्रमाणित करने के लिए आवेदनों में अनियमितताएं मिलीं। इन वाहन निर्माताओं ने कथित तौर पर वाहनों के सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन करते समय गलत या हेरफेर किए गए परीक्षण डेटा जमा किए थे।
यह मुद्दा इतना गंभीर हो गया कि टोयोटा के चेयरमैन अकियो टोयोडा ने सात वाहन मॉडलों के लिए प्रमाणन परीक्षणों में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के लिए माफी मांगी। जबकि ऑटो कंपनी ने कोरोला फिल्डर, कोरोला एक्सियो और यारिस क्रॉस नाम के तीन मॉडलों के उत्पादन को स्थगित कर दिया।
क्या हुई गलती?
रिपोर्टों से पता चलता है कि टोयोटा सहित इन प्रमुख जापानी वाहन निर्माताओं ने कॉलिजन टेस्ट (टक्कर परीक्षणों) के दौरान अपर्याप्त या पुराने डेटा का इस्तेमाल किया। व्यापक धोखाधड़ी वाले टेस्ट में, एयरबैग फुलाव और दुर्घटनाओं में पिछली सीट के नुकसान का गलत टेस्ट शामिल था। न सिर्फ इन वाहनों के सुरक्षा परीक्षण बल्कि विभिन्न मॉडलों के इंजन पावर आउटपुट टेस्ट भी गलत पाए गए। वास्तव में, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि धोखाधड़ी वाले परीक्षण बंद हो चुके वाहन मॉडलों पर भी पाए गए।
जबकि टोयोटा की कई कारें इस घोटाले से प्रभावित हुईं। इसके प्रतिद्वंद्वी माजदा ने भी इसी तरह के अनियमित प्रमाणन परीक्षण की सूचना दी और अपने दो वाहन मॉडलों, रोडस्टर और माजदा 2 के उत्पादन को रोक दिया। वाहन निर्माता ने कहा कि परीक्षणों में गलत इंजन कंट्रोल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया था। माजदा ने भी तीन बंद हो चुके कार मॉडलों के क्रैश टेस्ट में उल्लंघनों को स्वीकार किया।
वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में एक अन्य प्रमुख खिलाड़ी, होंडा ने भी कई कार मॉडलों पर शोर के लेवल और टॉर्क आउटपुट पर अनुचित परीक्षण करने के लिए माफी मांगी। होंडा ने खुलासा किया कि इस घोटाले के कारण उनके पुराने वाहन जैसे अकॉर्ड, ओडिसी और फिट प्रभावित हुए हैं। हालांकि, ये वाहन अब उत्पादन में नहीं हैं।