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Fake E-Challan Scam: चालान के नाम पर हो रहा फ्रॉड, ऐसे करें असली-नकली मैसेज की पहचान; जानें बचाव के आसान तरीके

Sat, 25 Jul 2026 01:51 PM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Fake E-Challan Scam: अगर आपके मोबाइल पर भी ट्रैफिक ई-चालान का SMS आता है, तो बिना जांचे उस पर क्लिक करने की गलती बिल्कुल न करें। इन दिनों ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में असली और नकली चालान मैसेज की पहचान करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि अगर आपके फोन पर चालान का मैसेज आए, तो कैसे पता करें कि वह असली है या फर्जी।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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E-Challan SMS Fraud: सड़क पर वाहन चलाने वालों को निशाना बनाने के लिए साइबर अपराधियों ने ठगने का एक नया पैंतरा ढूंढ लिया है। इन दिनों ई-चालान के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी मैसेज भेजे जा रहा हैं। चालान का जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में जरा सी लापरवाही भी आपकाे खतरा में डाल सकती है। 

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ई-चालान के नाम पर कैसे हो रहा है फ्रॉड?

  • साइबर ठग चालकों को माेबाइल पर मैसेज भेजते हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि उनकी गाड़ी का ट्रैफिक चालान कट गया है और जुर्माना तुरंत जमा करना होगा। मैसेज में एक लिंक भी दिया जाता है, जिस पर क्लिक करके भुगतान करने को कहा जाता है।
  • जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक खोलता है, तो वह तुरंत फेक वेबसाइट पर पहुंच जाता है। जहां बैंक डिटेल्स, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी और OTP मांगा जाता है। कई मामलों में लिंक पर क्लिक करते ही फोन में मालवेयर या वायरस डाउनलोड हो जाता है, जिससे साइबर अपराधी फोन का एक्सेस हासिल कर लेते हैं।

असली और नकली ई-चालान एसएमएस की पहचान कैसे करें?

  • इसे पहचानने का एक सिंपल तरीका है। हमेशा याद रखें ई-चालान से जुड़े आधिकारिक मैसेज में हमेशा सरकारी वेबसाइट का डोमेन होता है। जैसे मान लीजिए echallan.parivahan.gov.in जैसे .gov.in एक्सटेंशन वाले लिंक भरोसेमंद माने जाते हैं।
  • अगर मैसेज में .com, .net, .xyz, .apk, bit.ly या किसी अन्य संदिग्ध लिंक का इस्तेमाल किया गया है, तो उस पर क्लिक न करें। ऐसे लिंक फर्जी हो सकते हैं और साइबर ठगी का हिस्सा हो सकते हैं।

अगर गलती से लिंक पर क्लिक हो जाए तो क्या करें?

  • अगर आपने अनजाने में गलती से लिंक पर क्लिक भी कर दिया है या बैंकिंग जानकारी साझा कर दी है, तो बिना देरी किए फौरन अपने बैंक की हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग को ब्लॉक करवाएं।
  • इसके बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और पूरी जानकारी दें। साथ ही cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

चालान चेक करने का सही तरीका
अगर आपको अपने वाहन के चालान की जानकारी चाहिए, तो हमेशा केवल आधिकारिक Parivahan e-Challan पोर्टल पर जाकर ही स्टेटस चेक करें। किसी भी अनजान SMS या सोशल मीडिया लिंक के जरिए भुगतान करने से बचें।

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साइबर ठगी से बचने के आसान उपाय

  • किसी भी संदिग्ध एसएमएस या लिंक पर क्लिक न करें।
  • केवल .gov.in डोमेन वाली वेबसाइट पर ही चालान चेक करें।
  • ओटीपी, बैंक डिटेल्स या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें।
  • फोन में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट हमेशा सक्रिय रखें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
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