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SC: दिल्ली में पुरानी कारों को ईंधन नहीं देने का नियम, SC वोल्वो कार मालिकों की याचिका पर सुनवाई को तैयार

Wed, 05 Aug 2026 05:04 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों को ईंधन नहीं देने के नियम के खिलाफ वोल्वो कार मालिकों की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।
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Volvo Cars Seeking Court Relief - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मियाद (एक्सपायरी डेट) पूरी कर चुके वाहनों को ईंधन (पेट्रोल-डीजल) न देने के नियम के खिलाफ वोल्वो (Volvo) कार मालिकों ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इस नियम में छूट की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष एक वकील ने इस याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। वकील ने अदालत को बताया कि नो-फ्यूल नियम के कारण इन कार मालिकों को ईंधन हासिल करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

अदालत में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश और याचिकाकर्ता के वकील के बीच क्या बातचीत हुई?

सुनवाई की मांग के दौरान अदालत के भीतर चीफ जस्टिस और वकील के बीच हुई बातचीत के मुख्य बिंदु ये हैं:

  • प्रदूषण पर मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी:
    जब वकील ने ईंधन न मिलने की समस्या उठाई, तो चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, "लेकिन आप देखिए... यह नियम तो प्रदूषण को रोकने के लिए बनाया गया है।"

  • हाई-एंड वोल्वो कारों की दलील:
    इस पर वकील ने तर्क दिया कि ये सामान्य गाड़ियां नहीं बल्कि हाई-एंड वोल्वो कारें (उच्च श्रेणी की गाड़ियां) हैं। इनकी लाइफ (जीवनकाल) बहुत लंबी होती है और ये गाड़ियां प्रदूषण के सभी तय मानकों का पूरी तरह से पालन कर रही हैं।

  • सुनवाई की मंजूरी:
    वकील की दलीलों को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "ठीक है, हम इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेंगे।"

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Car Pollution - फोटो : Adobe Stock

दिल्ली-एनसीआर में पुरानी गाड़ियों को लेकर क्या-क्या कानूनी निर्देश और आदेश रहे हैं?

यह पूरा मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेशों से जुड़ा हुआ है:

  • एनजीटी का प्रतिबंधात्मक आदेश:
    सुप्रीम कोर्ट ने पहले एनजीटी के उस आदेश के तहत एनसीआर (NCR) के राज्यों के परिवहन विभागों को निर्देश दिए थे। जिसके तहत 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों के सड़कों पर चलने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।

  • 12 अगस्त 2025 का अस्थायी आदेश:
    शीर्ष अदालत ने 12 अगस्त 2025 को एक आदेश जारी कर 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक या कड़े कदम उठाने पर पूर्ण रोक लगा दी थी।

  • 17 दिसंबर का नया संशोधन:
    इसके बाद पिछले साल 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने 12 अगस्त 2025 के आदेश में संशोधन करते हुए दिल्ली सरकार के अधिकारियों को उन पुरानी गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अनुमति दे दी थी जो भारत स्टेज-IV (BS-IV) उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करती हैं।

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