सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने देश की पहली राष्ट्रीय ऑटोमोटिव कंपनी CEER के पहले इलेक्ट्रिक वाहनों- Exobot सेडान और Exobot एसयूवी का आधिकारिक तौर पर अनावरण किया है।
यह लॉन्च सऊदी अरब के पैसेंजर इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) सेगमेंट में कदम रखने का प्रतीक है। यह ऐतिहासिक कदम देश के 'सऊदी विजन 2030' के तहत अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से हटाकर औद्योगिक विविधीकरण की ओर ले जाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
CEER की पहली इलेक्ट्रिक कारों के अनावरण पर क्राउन प्रिंस ने क्या कहा?
इस ऐतिहासिक अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा:
"CEER के पहले वाहनों का लॉन्च एक टिकाऊ और समृद्ध औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में सऊदी अरब का एक और बड़ा कदम है। यह आर्थिक विकास के प्रमुख चालक के रूप में ऑटोमोटिव क्षेत्र को सक्षम बनाता है। निवेश आकर्षित करके, राष्ट्रीय प्रतिभाओं को सशक्त बनाकर और निजी क्षेत्र की भूमिका का विस्तार करके, यह कदम सऊदी अरब को इस उद्योग का एक प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक हब बनाने में मदद करेगा।"
CEER की भविष्य की उत्पाद योजना क्या है?
Exobot सेडान और SUV CEER के फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक मॉडल्स हैं। यह अगले पांच वर्षों में लॉन्च होने वाले 7 वाहनों के नियोजित पोर्टफोलियो (7-Car Plan) में पहली दो प्रस्तुतियां हैं।
- भावी मॉडल्स: कंपनी की भविष्य की लाइनअप में ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न पावरट्रेन विकल्पों के साथ मिड-साइज और कॉम्पैक्ट मॉडल्स शामिल होंगे।
- सऊदी निर्मित: इन सभी वाहनों को सऊदी अरब के किंग अब्दुल्ला इकोनॉमिक सिटी (KAEC) में स्थित CEER मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स (CMC) में डिजाइन, इंजीनियर और निर्मित किया जाएगा। यह किंग सलमान ऑटोमोटिव क्लस्टर का हिस्सा है और इसे मध्य पूर्व की सबसे बड़ी वाहन निर्माण सुविधा बताया जा रहा है।
सऊदी संस्कृति और मैक्लारेन के पूर्व डिजाइनर से प्रेरित 'Exobot' का डिजाइन कैसा है?
CEER के अनुसार, 'Exobot' की डिजाइन लैंग्वेज सऊदी अरब के प्राकृतिक परिदृश्य, समृद्ध संस्कृति और भविष्य के दृष्टिकोण से प्रेरित है।
कंपनी के डिजाइन डायरेक्टर रॉब मेलविले- जो इससे पहले सुपरकार निर्माता कंपनी मैक्लारेन (McLaren) में सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसका डिजाइन नजदी वास्तुकला, लाल सागर के मूंगे (रेड सी कोरल) और पारंपरिक साडू बुनाई के पैटर्न पर आधारित है। फिलहाल इन वाहनों का व्यावसायिक उत्पादन शुरू होना बाकी है।
सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का क्या असर पड़ेगा?
CEER प्रोजेक्ट सिर्फ गाड़ियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के आर्थिक भविष्य से जुड़ा हुआ है:
- जीडीपी में योगदान: अनुमान है कि 2034 तक CEER सऊदी अरब के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 30 अरब सऊदी रियाल (लगभग 8 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक का योगदान देगा।
- रोजगार सृजन: इस प्रोजेक्ट से देश में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से गुणवत्तापूर्ण नौकरियां पैदा होंगी।
- 5 लाख ईवी का लक्ष्य: सऊदी अरब के निवेश मंत्रालय ने 2030 तक हर साल 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
- ऑटोमोटिव हब: पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) से जुड़ा यह प्रोजेक्ट किंग अब्दुल्ला इकोनॉमिक सिटी में तीन प्रमुख ऑटो परियोजनाओं में से एक है। अन्य दो प्रोजेक्ट्स में ल्यूसिड (Lucid Motors) और चालू वर्ष में उत्पादन शुरू करने वाला 'PIF-ह्यूंदै' (PIF-Hyundai) प्लांट शामिल हैं।