फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SAFE Exit Act: चीन के बाद अमेरिका भी फ्लश कार हैंडल पर सख्त, जानें दुनिया भर में ये डिजाइन क्यों हो रही है बैन

Wed, 11 Feb 2026 10:54 AM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

China EV Door Ban: चीन की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों में छिपे हुए फ्लश डोर हैंडल पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब अमेरिका भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। अमेरिकी संसद में SAFE Exit Act नाम का एक बिल आगे बढ़ाया गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक डोर हैंडल वाली कारों में मैनुअल मैकेनिकल डोर रिलीज को अनिवार्य कर सकता है। जानिए इसके पीछे की वजह क्या है...
 
विज्ञापन
Flush Door Handles in Car - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चीन हाल ही में ऐसा पहला देश बना है जिसने इलेक्ट्रिक वाहनों में फ्लश और छिपे हुए डोर हैंडल पर रोक लगाई है। इसके पीछे वजह क्रैश के बाद इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फेल होने पर दरवाजे न खुल पाने की घटनाओं को वजहें मानी गई। अब इसी खतरे को देखते हुए अमेरिका भी अपने सेफ्टी नियम सख्त करने की तैयारी में है।

विज्ञापन


अमेरिका में क्या बदल सकता है
अमेरिकी हाउस की एनर्जी एंड कॉमर्स कमिटी ने सेफ एक्जिट एक्ट को आगे बढ़ा दिया गया है। अगर ये कानून बनता है, तो उन सभी कारों में बदलाव जरूरी होंगे जिनमें इलेक्ट्रॉनिक फ्लश डोर हैंडल दिए जाते हैं, जैसे कई टेस्ला और नई इलेक्ट्रिक कारें।

ये भी पढ़े: Car: सूरज के चक्कर लगाने वाली चौपहिया से लेकर पनडुब्बी में बदलने वाली गाड़ी तक, देखिए एलन मस्क का कार कलेक्शन
विज्ञापन


क्यों जरूरी समझा गया नया नियम
अमेरिकी सांसदों का कहना है कि एक्सीडेंट के बाद जब कार की बिजली बंद हो जाती है, तो ये इलेक्ट्रॉनिक डोर सिस्टम यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लश हैंडल डोर वाले कई वाहनों में आग लगने के मामलों में कम से कम 15 मौतें दर्ज की गई हैं, जहां दरवाजे समय पर नहीं खुल सके। इसी वजह से अमेरिकी सेफ्टी एजेंसी एनएचटीएसए ने डोर मैकेनिज्म की जांच शुरू की है।

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
सेफ एक्जिट एक्ट में क्या बदलाव होंगे?
 
बदलाव क्यों है जरूरी?
फिजिकल लीवर बिजली गुल होने पर भी दरवाजा हाथ से खुल सके।
साफ लेबलिंग अंधेरे या धुएं में भी हैंडल आसानी से दिखाई दे।
रेस्क्यू एक्सेस बाहर से बचाव दल (Police/Ambulance) तुरंत गेट खोल सके।
  • अनिवार्य मैनुअल रिलीज: हर कार में एक ऐसा फिजिकल हैंडल होना चाहिए, जो बिजली के बिना भी काम करे।
  • इमरजेंसी मार्क: इमरजेंसी लीवर को स्पष्ट रूप से मार्क किया जाना चाहिए, ताकि हड़बड़ी में यात्री उसे तुरंत पहचान कर उसकी मदद ले सके।
  • बाहरी एक्सेस: दुर्घटना के बाद फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स (एम्बुलेंस या पुलिस) के लिए बाहर से दरवाजा खोलने का सीधा मैकेनिकल तरीका होना चाहिए।
इसका भारत पर क्या असर?
कानून समर्थकों का मानना है कि अगर अमेरिका पीछे रहा, तो वह चीन और यूरोप से सेफ्टी स्टैंडर्ड में पिछड़ जाएगा। अगर अमेरिका में ये नियम लागू होता है, तो भारत जैसे बाजारों पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि कई कार कंपनियां एक ही ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर गाड़ियां बेचती हैं। इसके अलावा जब दुनिया की दो बड़ी ताकतें किसी डिजाइन को असुरक्षित घोषित करती हैं, तो उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। भारत जैसे उभरते ईवी मार्केट के लिए ये एक बड़ा संकेत है। अब कंपनियों को स्टाइल से ज्यादा फेल सेफ मैकेनिज्म पर ध्यान देना होगा।

ये भी पढ़े: Used Car: पुरानी कार खरीदने के बाद के पहले 30 दिन क्यों होते हैं जरूरी? जानें धोखा खाने से बचने का तरीका

अभी पूरी तरह तय नहीं
हालांकि सभी अमेरिकी सांसद इस पर पूरी तरह सहमत नहीं हैं। कुछ का मानना है कि नियम बनाने से पहले और तकनीकी रिसर्च जरूरी है, ताकि डिजाइन और इनोवेशन पर नकारात्मक असर न पड़े।
विज्ञापन

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
टेस्ला का बचाव और ताजा दावा क्या है?
टेस्ला का कहना है कि गंभीर दुर्घटना में कार अपने आप दरवाजे अनलॉक कर देती है और हैजर्ड लाइट्स भी खुद-ब-खुद चालू हो जाती हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर यह जानकारी भी अपडेट की है

क्या भविष्य की कारों में सादगी की वापसी होगी?
SAFE Exit Act यह संकेत देता है कि अब कानून निर्माता फ्यूचरिस्टिक डिजाइन और बुनियादी सुरक्षा के बीच एक स्पष्ट सीमा खींचना चाहते हैं। जैसे-जैसे कारें डिजिटल होती जा रही हैं, वैसे-वैसे एक साधारण मैकेनिकल बैकअप फिर से जरूरी माना जाने लगा है। ताकि आपात स्थिति में जान बचाई जा सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें