रेनो (Renault) अपनी मशहूर ऑल-न्यू डस्टर (Duster) रेंज का विस्तार करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। कंपनी 17 अक्तूबर को डस्टर का स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड वेरिएंट भारतीय बाजार में पेश करेगी। कंपनी के E-Tech (ई-टेक) हाइब्रिड सिस्टम से लैस यह नई एसयूवी ऐसे समय में एंट्री ले रही है, जब भारतीय एसयूवी सेगमेंट में इलेक्ट्रिफाइड पावरट्रेन की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है।
Renault Duster Hybrid का पावरट्रेन कैसा है और यह पावर कैसे जनरेट करता है?
रेनो डस्टर ई-टेक में 1.8-लीटर का 4-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है, जिसे दो इलेक्ट्रिक मोटर और 1.4kWh की बैटरी पैक के साथ जोड़ा गया है। इसमें लगी एक इलेक्ट्रिक मोटर 49hp की पावर जनरेट कर व्हील्स को पावर देती है। जबकि दूसरी 20hp की मोटर-जनरेटर के रूप में काम करती है।
संयुक्त रूप से यह हाइब्रिड सेटअप 160bhp की मैक्सिमम पावर और 172Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इस पावर को व्हील्स तक पहुंचाने के लिए 8-स्पीड डेडिकेटेड हाइब्रिड ट्रांसमिशन (DHT) का इस्तेमाल किया गया है।
शहर की ड्राइविंग में 80% इलेक्ट्रिक रन का दावा: क्या है इस तकनीक की खासियत?
रेनो का दावा है कि इस हाइब्रिड सिस्टम को खासतौर पर शहरी ड्राइविंग परिस्थितियों को ध्यान में रखकर इंजीनियर किया गया है। यह एसयूवी शहर में अपनी ड्राइविंग का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से EV (इलेक्ट्रिक) मोड में तय कर सकती है। इसमें पेट्रोल इंजन सिर्फ तब एक्टिव होता है जब गाड़ी को अतिरिक्त पावर की जरूरत होती है या बैटरी को चार्ज करना होता है।
हालांकि, वास्तविक ड्राइविंग में इसका फ्यूल-एफिशिएंसी एडवांटेज ट्रैफिक, ड्राइविंग स्पीड, बाहरी तापमान और आपकी ड्राइविंग स्टाइल जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।
Maruti और Toyota के हाइब्रिड सिस्टम से कितनी अलग है Renault की तकनीक?
डस्टर का ई-टेक सेटअप Maruti Suzuki Grand Vitara (मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा), Victoris (विक्टोरिस) और Toyota Urban Cruiser Hyryder (टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर) में इस्तेमाल होने वाले हाइब्रिड सिस्टम से काफी अलग है। जहां मारुति और टोयोटा e-CVT गियरबॉक्स के साथ 'पावर-स्प्लिट' हाइब्रिड आर्किटेक्चर का उपयोग करते हैं। वहीं डस्टर में फिक्स्ड गियर रेशियो वाला 'मल्टी-मोड' हाइब्रिड ट्रांसमिशन दिया गया है।
यह एडवांस्ड ट्रांसमिशन डस्टर को ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुसार इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन, पेट्रोल इंजन और कंबाइंड पावर मोड्स के बीच आसानी से स्विच करने की सुविधा देता है। इसकी 1.4kWh की बैटरी रिजनरेटिव ब्रेकिंग और इंजन-ड्रिवन जनरेटर के जरिए खुद चार्ज होती रहती है।
क्या डस्टर में पहले से उपलब्ध हैं अन्य इंजन विकल्प?
वर्ष 2026 की शुरुआत में भारत में पेश की गई नई-जनरेशन डस्टर वर्तमान में दो टर्बो-पेट्रोल इंजन विकल्पों के साथ बिक्री के लिए उपलब्ध है:
- 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल: यह बेस इंजन 100bhp की पावर और 160Nm का टॉर्क जनरेट करता है, जो 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है।
- 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल: यह ज्यादा पावरफुल इंजन 163bhp की पावर और 280Nm का टॉर्क जनरेट करता है। जिसमें 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड DCT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है।
17 अक्तूबर को लॉन्च होने वाला स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पावरट्रेन इस एसयूवी लाइन-अप का नया टॉप-एंड वेरिएंट होगा।
किन गाड़ियों से होगा सीधा मुकाबला और क्या हैं इस SUV के मुख्य फीचर्स?
- भारतीय बाजार में डस्टर के इस हाइब्रिड वेरिएंट की सीधी टक्कर मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा, मारुति सुजुकी विक्टोरिस और टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर के स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड मॉडल्स से होगी।
- कंपनी ने भारत-स्पेसिफिक डस्टर के लिए डीजल और ऑल-व्हील-ड्राइव (AWD) विकल्पों को पहले ही पूरी तरह से खारिज कर दिया है। लिहाजा, यह नया हाइब्रिड मॉडल डीजल के रिप्लेसमेंट के रूप में नहीं, बल्कि मौजूदा टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट्स के मुकाबले एक अत्यधिक फ्यूल-एफिशिएंट विकल्प के रूप में उभरेगा।
- डिजाइन और केबिन कम्फर्ट की बात करें तो डस्टर अपने मस्कुलर एसयूवी तेवर, 212mm के ग्राउंड क्लीयरेंस और 518-लीटर के विशाल बूट स्पेस के साथ आती है। इसके केबिन में 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, पैनोरमिक सनरूफ, ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, वायरलेस चार्जिंग और 360-डिग्री कैमरा जैसे प्रीमियम फीचर्स शामिल हैं।