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EV: गौतम सिंघानिया बोले- इलेक्ट्रिक वाहनों को 'राजनीतिक रूप से प्रचारित' किया जा रहा है, इन्हें खिलौना समझें

Sat, 18 Oct 2025 03:19 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम हरि सिंघानिया, जो भारत के पहले सुपरकार क्लब के संस्थापक भी हैं, ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) को लेकर बड़ा बयान दिया है।
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Gautam Hari Singhania - फोटो : PTI
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विस्तार
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रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम हरि सिंघानिया, जो भारत के पहले सुपरकार क्लब के संस्थापक भी हैं, ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक मीडिया ग्रुप के कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "ईवी को बस राजनीतिक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।"
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"EV के बारे में सोचता ही नहीं हूं"
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाना पसंद है, तो सिंघानिया ने साफ कहा, "मैं इनके बारे में सोचता ही नहीं हूं।" उन्होंने ईवी की तुलना खिलौनों से करते हुए कहा, "जब मैं चार साल का था, मेरे पास एक बैटरी चलित कार थी। तो अब ईवी पर इतना हंगामा क्यों? मेरी वो कार भी तो ईवी ही थी!"
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भारत में मोटरस्पोर्ट्स को चाहिए मजबूत सिस्टम
मोटरस्पोर्ट्स पर बात करते हुए सिंघानिया ने कहा कि भारत में इस खेल को बढ़ाने के लिए पूरा इकोसिस्टम (पर्यावरण) चाहिए। उन्होंने बताया, "भारत में मोटरस्पोर्ट्स की सही प्रैक्टिस नहीं होती। मेरी बेटी बेल्जियम में राइड करती है क्योंकि वहां इसका सिस्टम है। मैं अगर यूके में होता, तो हर दिन रेसिंग कर सकता था।" 

सिंघानिया ने कहा कि भारत को भी मोटरस्पोर्ट्स के इस इकोसिस्टम का हिस्सा बनना होगा तभी आगे बढ़ पाएगा।

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"सुबह 7 बजे चलाते हैं सुपरकार"
अपनी सुपरकार्स के शौक के बारे में उन्होंने बताया कि ऐसी कारें बनाना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, "बहुत कम ब्रांड्स हैं जो सुपरकार बनाते हैं। वे कार का वादा करते हैं, लेकिन डिलीवरी मिलने में दो-तीन साल लग जाते हैं। मैं अपनी कार सुबह 7 बजे चलाता हूं, उसी वक्त इन्हें चलाने का असली मजा है।"

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रक्षा क्षेत्र में नए टेक्नोलॉजी पर काम
कारों के अलावा सिंघानिया ने रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर की भी बात की। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने नई तकनीकों के लिए अवसर पैदा किए हैं, और वे इस दिशा में कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।

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अमेरिका में कारोबार नहीं करेंगे
सिंघानिया ने बताया कि उनकी कंपनी अमेरिका में कारोबार नहीं करेगी क्योंकि वहां का माहौल बहुत अनिश्चित है। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे भारत का मिडिल क्लास और उसकी इच्छाएं बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे लोग सस्ती लग्जरी चाहते हैं। भारत में एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग की जबरदस्त संभावनाएं हैं, और ये जरूर होगा, बस वक्त लग सकता है। लेकिन हमने तय किया है कि अमेरिका में काम नहीं करेंगे क्योंकि हमें अनिश्चितता पसंद नहीं।" 

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"हम लग्जरी नहीं, मार्केट के बीच में हैं"
अंत में जब सिंघानिया से पूछा गया कि क्या रेमंड को लग्जरी ब्रांड कहा जा सकता है, तो उन्होंने इसका खंडन करते हुए कहा, "नहीं, हम मार्केट के बीच वाले सेगमेंट में हैं, लग्जरी नहीं।" 

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